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लावारिस शवों के दाह-संस्कार को लेकर दो जिलों की संस्थाएं आमने-सामने

Wed, 29 Jun 2016 01:13 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो, सोनीपत
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कब्र से निकाल किए शव के टुकड़े - फोटो : Demo Pic
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लावारिस शवों के दाह-संस्कार को लेकर दो जिलों की सामाजिक संस्थाएं आमने-सामने आ गईं हैं। एक संस्था जिले की है तो दूसरी संस्था पानीपत की है।। दोनों संस्थाओं ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खडे़ हो गए हैं।
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लावारिस शवों के संस्कार को जहां लोग पुण्य का काम मानते हैं, वहीं अब इन को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। शहर के सेक्टर-14, 15 की शिव मुक्तिधाम संस्था और पानीपत जिले की जन सेवा दल संस्था एक-दूसरे पर सवाल खड़ा कर रही हैं। जन सेवा दल संस्था पर जहां सोनीपत के लावारिस शवों को करनाल ले जाकर दाह-संस्कार करने पर सवाल उठाए गए तो पानीपत की संस्था ने शवों की दुर्गति करने का आरोप लगाया है। वहीं, निगम अधिकारी इसे खर्च से जुड़ा मामला बता रहे हैं।

डेढ़ माह से ही जिले से बाहर क्यों हो रहा है दाह संस्कार
शिव मुक्ति धाम संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार, डेढ़ माह पहले अचानक मुक्ति धाम में लावारिस शव आने बंद हो गए। लावारिस शवों को जनसेवा दल द्वारा करनाल में लेकर दाह संस्कार किया जा रहा है। इस पर सोनीपत की शिव मुक्तिधाम संस्था ने केवल एतराज किया है, बल्कि शवों के साथ छेड़छाड़ की आशंका मानते हुए निगम आयुक्त को इसकी शिकायत भी की।
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शवों का रीति-रिवाज से दाह-संस्कार कराया जाता है। शवों की अस्थियां भी हरिद्वार में प्रवाहित की जाती हैं। दाह संस्कार का खर्च निगम से लिया जाता है। अब अचानक से लावारिस शव आने बंद हुए तो गड़बड़ी की आशंका के कारण शिकायत नगर निगम में दी गई। आशंका है कि शवों के साथ छेड़छाड़ भी की जाती है।
नरेंद्र भुटानी, सचिव, शिव मुक्तिधाम, सोनीपत

सोनीपत के अलावा अन्य जिलों में मिले शवों का भी संस्कार किया जाता है। सोनीपत में भी जनसेवा दल शवों का दाह-संस्कार किया जाता रहा है, लेकिन कई-बार पूरे रीति-रिवाज के साथ दाह संस्कार नहीं किया जाता है। शिव मुक्तिधाम में शवों के संस्कार में काफी लापरवाही बरती जाती है।
कपिल, पदाधिकारी, जनसेवा दल, पानीपत

शिव मुक्तिधाम के सदस्यों की शिकायत सुनी गई है। संस्था शवों के दाह संस्कार के एवज में निगम से राशि ले रहा है, जबकि पानीपत की संस्था निगम से कोई खर्च नहीं ले रही। सुनिश्चित किया है कि दाह-संस्कार पूरे रीति-रिवाज के साथ पूरा किया जाता है।
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अश्विनी मैंगी, निगमायुक्त, सोनीपत
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