सोनीपत। दीनबंधु छोटू राम विश्वविद्यालय (डीक्रस्ट), मुरथल के ब्वॉयज हॉस्टल की स्थिति दयनीय होती जा रही है। हॉस्टल के भवन और परिसर के खराब और असुरक्षित होने की वजह से छात्रों को हर समय अनहोनी का डर रहता है। छात्रों ने कहा कि उनसे हॉस्टल के नाम पर भारी भरकम शुल्क लिया जाता है मगर सुविधा नहीं है।
छात्रों के अनुसार विश्वविद्यालय में प्रत्येक छात्र से 6,100 रुपये प्रतिवर्ष हॉस्टल किराया, 14,000 रुपये ओवरहेड खर्च, 5,000 रुपये बिजली बिल, 3,000 रुपये हॉस्टल सुरक्षा शुल्क और 500 रुपये कर्मचारी कल्याण निधि के रूप में लिए जाते हैं।
इसके बावजूद हॉस्टल की हालत दयनीय है। इसकी मरम्मत तक नहीं कराई जा रही है। हॉस्टल की छत से प्लास्टर और कंक्रीट गिर रहे हैं जो छात्रों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। यही नहीं कई स्थानों पर छत टपकता भी है। इसके अलावा छात्रों ने प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
विवि के प्रशासन ने अपने चेहते रिश्तेदार को पिछले दो साल से चीफ वार्डन बना रखा है जो कभी भी हॉस्टल का दौरा नहीं करते और किसी भी मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय नहीं देते हैं। छात्रावास संख्या नंबर-1 के वार्डन के पास सुरक्षा इंचार्ज, सहायक प्रोफेसर तथा वार्डन की जिम्मेदारी भी है।
छात्रावास संख्या-4 के सुपरवाइजर को पिछले एक वर्ष से अधिक समय से छात्रावास संख्या-1 का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने अपने ही रिश्तेदार को एक ब्वॉयज हॉस्टल में मेस सुपरवाइजर के रूप में नियुक्त कर दिया जबकि हॉस्टल का मेस एक सहकारी समिति के रूप में छात्रों की ओर से संचालित होती है लेकिन कर्मचारियों की नियुक्ति एवं पुनर्नियुक्ति बिना किसी आधिकारिक अनुमति के की जा रही है।
आंदोलन भी कर चुके हैं छात्र
हॉस्टल जर्जर होने से लेकर प्रशासनिक अनियमितताओं व अन्य समस्याओं को लेकर छात्रों ने 16 फरवरी को विश्वविद्यालय में आंदोलन भी किया था। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए कुलपति ने एक माह के भीतर सभी समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया था लेकिन छात्रों का कहना है कि अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। छात्रों ने हॉस्टल की मरम्मत और रखरखाव, सुरक्षित और स्वच्छ रहने की व्यवस्था, हॉस्टल फंड के उपयोग में पारदर्शिता, लंबित सुरक्षा जमा राशि का शीघ्र भुगतान, प्रशासनिक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसका समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।
मरम्मत के लिए होगा री टेंडर
डीक्रस्ट के वीसी प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि हॉस्टल के भवनों की मरम्मत के लिए पहले भी टेंडर निकाला गया था लेकिन इसमें किसी भी एजेंसी ने भाग नहीं लिया था। अब री टेंडर के आदेश कर दिए गए हैं। जल्द ही इसे फाइनल कर हॉस्टलों की मरम्मत कराई जाएगी। उम्मीद है कि एक माह में काम पूरा हो जाएगा। छात्रों की लाइब्रेरी संबंधी समस्या को दूर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा मेस, मेंटनेंस आदि को लेकर छात्रों के जो भी इश्यू हैं उनको भी दूर कराया जाएगा। इसके लिए कमेटी भी बनाई गई है। साथ ही हॉस्टल के चीफ वार्डन को भी छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करने का आदेश दिया गया है।
डीक्रस्ट के ब्वॉयज हॉस्टल जर्जर स्थिति। स्रोत : छात्र- फोटो : सबरीन।
डीक्रस्ट के ब्वॉयज हॉस्टल जर्जर स्थिति। स्रोत : छात्र- फोटो : सबरीन।