सोनीपत के गांव रोहट में खड़ी गेहूं की फसल। संवाद
सोनीपत। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से वीरवार और शुक्रवार को हुई बारिश से परेशानी झेल चुके किसानों को अभी राहत नहीं मिलती दिखाई दे रही है । मौसम विशेषज्ञ के अनुसार 17 अप्रैल को एक बार फिर से एक पश्चिमी विक्षोभ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है। उसके प्रभाव से मौसम में फिर से परिवर्तन होने की संभावना है। हालांकि तब तक मौसम शुष्क बना रहेगा और तापमान में बढ़ोतरी होगी। पश्चिमी विक्षोभ 17 अप्रैल की रात से अपना प्रभाव दिखा सकता है।
किसान इस समय गेहूं की कटाई में जुटे हुए हैं। साथ में थ्रेसिंग भी चल रही है। वीरवार को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण वीरवार शाम और शुक्रवार शाम को तेज हवा के साथ बारिश हुई थी। बारिश से गेहूं की कटाई और कढ़ाई का काम रुक गया है। रविवार से एक बार फिर से गेहूं की कटाई शुरू हो गई है, लेकिन अब चार दिन बाद फिर से बारिश मुसीबत बन सकती है। बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, मगर दोबारा से तापमान बढ़ने लगा है। रविवार को अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार अधिकतम तापमान तीन दिन में 40 डिग्री तक पहुंच सकता है।
हाथ से काटे गए गेहूं की थ्रेसिंग में लगेगा समय
बारिश के बाद रविवार को मशीन से गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का काम फिर से शुरू हो गया है। हालांकि जिन किसानों ने हाथ से गेहूं की कटाई की है उनके सामने अधिक समस्या खड़ी हो गई है। गेहूं की थ्रेसिंग के लिए अभी दो से तीन दिन तक उनको सुखाना पड़ सकता है। जिले में 1.45 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। अभी भी 60 फीसदी थ्रेसिंग बाकी है।
वर्जन
वीरवार को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त हो चुका है। अब दो से तीन दिन तक तापमान में बढ़ोतरी होगी, लेकिन 17 अप्रैल को फिर से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव हो सकता है। अप्रैल में सामान्य से अधिक तापमान बना हुआ है। -डॉ. प्रेमदीप, मौसम विशेषज्ञ, केवीके, सोनीपत।