दहिया खाप की चौधर को लेकर जाट नेता आमने-सामने आ गए हैं। प्रताप दहिया को खाप प्रधान घोषित कर चुके यशपाल मलिक गुट सुरेंद्र दहिया को प्रधान नहीं मान रहा। मलिक नेतृत्व वाली अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष मूलचंद दहिया ने प्रेस बयान जारी कर कहा है दहिया एक ऐतिहासिक खाप है, जो अपने फैसले लेने में सक्षम है। सिसाना गांव से प्रताप दहिया को प्रधान बनाया जा चुका है। रविवार को सिसाना गांव में जो पंचायत हुई, उसका कोई औचित्य नहीं है। अपनी राजनीति चमकाने के लिए सरकार के एजेंट के तौर पर ऐसे लोग काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अहलावत खाप का प्रधान बताने वालों को दहिया खाप का प्रधान चुनने का अधिकार नहीं है।
वहीं, रविवार को खाप प्रतिनिधियों की पंचायत में दोबारा से दहिया खाप के प्रधान घोषित किए गए सुरेंद्र दहिया का कहना है कि अहलावत खाप के प्रधान जयसिंह अहलावत ने तो केवल महापंचायत में दहिया खाप के प्रधान के लिए नाम मांगा था। सिसाना गांव के सरपंच व पूर्व सरपंच ने दहिया खाप के गण्यमान्य लोगों की सहमति और सिसाना गांव के मौजूद ग्रामीणों के हाथ उठवाकर सुरेंद्र दहिया के नाम पर सहमति मांगी थी। सभी ने एकमत से उन्हें प्रधान चुना है। सवाल उठाने वाले अपनी राजनीति कर रहे हैं। अगर सिसाना के ग्रामीण व दहिया खाप के तपे किसी और को प्रधान चुनना चाहते हैं तो वे तैयार हैं।