सोनीपत। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने वाले राहगीरों की सुविधा के लिए अब पैदल पारपथ (फुट ओवरब्रिज) बनाए जाएंगे। हाईवे पर छह पैदल पारपथ बनाने का निर्णय लिया है। पैदल पारपथ के निर्माण से सड़क पार करते समय जान गंवाने वालों के आंकड़ों में कमी आएगी।
एनएच-44 पर यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए पांच पैदल पारपथ बनाए जाएंगे। सिंघु-बॉर्डर, कुंडली, मुरथल, हल्दाना बॉर्डर व पानीपत में इनका निर्माण किया जाएगा। इसके लिए डिजाइन फाइनल कर लिया गया है और निर्माण कार्य मार्च 2025 से शुरू होगा। इनमें कुंडली व मुरथल के पैदल पारपथ पर लिफ्ट की सुविधा दी जाएगी। तीन अन्य पर सीढ़ी और रैंप का निर्माण किया जाएगा। यह रैंप दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से सहायक होंगे। डिजायन पूरी तरह आधुनिक और जरूरतों व सुरक्षा मानकों के अनुसार है।
हाईवे पर तेज रफ्तार बनती है हादसे का कारण
एनएच-44 पर वाहनों के तेज रफ्तार के कारण पैदल यात्रियों को सड़क पार करने में दिक्कत होती है। सिंघु-बॉर्डर, कुंडली, मुरथल, हल्दाना बॉर्डर व पानीपत क्षेत्र में पैदल यात्रियों को सडक़ को पार करने में मुश्किल होती है। इससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में यहां पैदल पार पथ बनाने का निर्णय लिया गया। मार्च में इसका निर्माण होगा। हाईवे पर यूएचबीवीएन लाइटों के लिए उपलब्ध करवाई जाने वाली बिजली से ही लिफ्ट वाले पैदल पारपथ संचालित होंगे।
पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। पैदल पारपथ के निर्माण से दुर्घटनाओं में कमी आएगी। डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- डॉ. मनोज कुमार, उपायुक्त सोनीपत
एनएच-44 पर सोनीपत क्षेत्र में चार व पानीपत में एक पैदल पारपथ बनाया जाना है। इनकी डिजाइन व ड्राइंग तैयार हो चुकी है। दो पर लिफ्ट लगाई जाएगी और तीन पर सीढिय़ां व रैंप बनेंगे।
- जगभूषण, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई