फोटो 02- सोनीपत के गांव बड़वासनी के पास ड्रेन की पटरी टूटने से खेतों के पास बने मार्ग पर जलभराव
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सोनीपत। ड्रेन की पटरी टूटने से खेतों में पानी भर गया है। गांव हुल्लाहेड़ी, चिटाना, जुआं, बड़वासनी, करेवड़ी, जाट माजरा, रतनगढ़ और बागडू में खेतों में पानी भरने से फसल बर्बाद हो रही है। नहीं रेलवे अंडर पास में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। किसानों ने विशेष गिरदावरी कराकर खराब फसल का मुआवजा देने की मांग की है।
ड्रेन की पटरी टूटने और बारिश के पानी से 200 एकड़ खेत में फसल खराब हो रही हैं। जिला पार्षद संजय बड़वासनी, जगमाल ने जलभराव में तैर कर प्रशासन के प्रति रोष जताया। कहा कि जलभराव के चलते गांव हुल्लाहेड़ी, चिटाना, जुआं, बड़वासनी, करेवड़ी, जाट माजरा, रतनगढ़, बागडू के खेतों में किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसानों की मदद के लिए प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए गया है।
किसान अपनी फसल को बचाने के लिए 24 घंटे निगरानी करने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की मदद की बात तो कर रहे हैं लेकिन जिले में राहत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों की बर्बाद फसल का मुआवजा देने की घोषणा नहीं की गई। विशेष गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की घोषणा की जाए।
अंडरपास में जलभराव से पांच गांव के लोग प्रभावित
ग्रामीण राजेंद्र, रघुबीर, सुरेश, योगेंद्र, सुमित ने बताया कि हुल्लाहेड़ी के पास अंडरपास में जलभराव होने से पांच गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। किलोहड़द, माजरा, चिटाना, बड़वासनी और रतनगढ़ गांव के लोगों को आने जाने में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों को गोहाना की ओर जाने के लिए गांव किलोहड़द से 4 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। शहरभर के अंडरपास में भरे पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। तीन दिन पहले भी शनि मंदिर के पास अंडरपास में भरे पानी में स्कूल बस फंस गई थी।