दावत के दौरान कहासुनी की रंजिश में रात को मकान से बाहर बुला चाकू से गोदकर हत्या की थी। पुलिस ने 29 जुलाई, 2019 को मुकदमा दर्ज किया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद गोयल की अदालत ने दोनों दोषियों को सजा सुनाई है।
हरियाणा के सोनीपत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद गोयल की अदालत ने किरायेदार की चाकू से गोदकर हत्या करने के मामले में सुनवाई के बाद मकान मालिक के भतीजे और उसके दोस्त को दोषी करार दिया है। अदालत ने मेहताब को उम्रकैद व साढ़े सात हजार रुपये जुर्माना और अवैध शस्त्र अधिनियम में दो साल कैद के साथ ढाई हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर मेहताब को 11 माह व संदीप को नौ माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। एक अन्य दोषी संदीप को भादंसं की धारा 302 में उम्रकैद व साढ़े सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
मूलरूप से हिसार निवासी राजो देवी का परिवार कई दशक से सोनीपत की दहिया कॉलोनी में किराए पर रहता था। राजो देवी अपने बेटे जय भगवान के साथ परिवार से अलग मोहन नगर में किराए के मकान में रह रही थी। जय भगवान की मां राजो देवी ने 29 जुलाई, 2019 को सदर थाना पुलिस को बताया था कि 28 जुलाई, 2019 की शाम उनके मकान मालिक का भतीजा गांव बैंयापुर निवासी मेहताब उर्फ लीला अपने साथी संदीप के साथ जय भगवान के पास आया हुआ था। उन्होंने एक साथ बैठकर दावत की थी।
इसी दौरान उनकी जय भगवान के साथ किसी बात का लेकर कहासुनी हो गई थी। बीच-बचाव करने पर मेहताब व संदीप उसे जान से मारने की धमकी देकर वहां से चले गए थे। दोनों देर रात करीब एक बजे दोबारा आए थे। उन्होंने उसके बेटे को बाहर बुला लिया था।
उन्होंने बताया कि बेटे के बाहर जाने के बाद वह भी घर से बाहर गई थी। वहां पर उसने देखा था कि बाहर संदीप ने उसके बेटे को पकड़ रखा था और मेहताब चाकू से ताबड़तोड़ वार कर रहा था। शोर मचाने पर हमलावर भाग गए थे। उसके बेटे को पहले सामान्य अस्पताल भर्ती कराया, वहां से वह निजी अस्पताल ले गए थे। निजी अस्पताल से भी उसके बेटे को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया था। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था।
तत्कालीन थाना प्रभारी रमेश चंद्र की टीम ने आरोपी मेहताब व संदीप को 31 जुलाई, 2019 को गिरफ्तार कर लिया था। इसी रंजिश में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने उनसे चाकू बरामद कर लिया था।