जाट आंदोलन को लेकर पांच जून से धरने और प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने अपनी योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को 100 जाट और खाप नेताओं को नोटिस भेजकर अपनी चल और अचल संपत्ति का तत्काल ब्यौरा प्रशासन को उपलब्ध कराने के लिए कहा है। साथ में चेताया है कि अगर आंदोलन के दौरान किसी तरह की हिंसा, आगजनी या कोई गैरकानूनी गतिविधि होती है तो आयोजक सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। डीसी केएम पांडुरंग का कहना है कि किसी तरह की गैरकानूनी गतिविधि से सख्ती से निपटा जाएगा।
शांतिपूर्ण रहेगा आंदोलन, लघु सचिवालय के बाहर देंगे धरना
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष राजेश दहिया का कहना है कि पांच जून से शुरू होने वाला उनका धरना शांतिपूर्ण होगा। इसके लिए लघु सचिवालय के बाहर जिला प्रशासन से अनुमति मांगी है। किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि का वे समर्थन नहीं करते। जाट समाज को आरक्षण दिया जाए, निर्दोष युवकों को छोड़ जाए और गलत तरीके से दर्ज किए गए केस वापस लिए जाएं।
गांव में धरना-प्रदर्शन की योजना नहीं चढ़ी सिरे
इससे पहले संघर्ष समिति किसी एक गांव में धरना और प्रदर्शन की योजना बना रही थी, लेकिन प्रशासन ने साफ किया कि अगर सड़क जाम हुआ या दूसरी कोई घटना हुई तो जिम्मेदार धरने के आयोजक होंगे। आयोजकों ने जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया। प्रशासन ने धरने की अनुमति नहीं दी।