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एक गोली से होंगे पांच शिकार, शॉक मेटल के करंट हो जाएंगे बेसुध

Wed, 01 Jun 2016 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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गोले छोडने वाला लांचर देखते हुए एसडीएम। - फोटो : bureau
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जाट आरक्षण आंदोलन में इस बार कोई चूक न हो, इसके लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मंगलवार को मॉक ड्रिल में कई खास किस्म के हथियारों को भी जिला प्रशासन के सामने दिखाया गया। रैपिड एक्शन फोर्स की ओर से दिखाए गए यह हथियार पहली बार हरियाणा में इस्तेमाल होंगे। हालांकि अधिकतर हथियार जानलेवा नहीं है, लेकिन बेसुध करने की क्षमता रखते हैं। कुछ हथियार तो भीड़ को तितर-बितर करने वाले हैं, वहीं कई हथियारों से भीड़ में मौजूद लोगों की पहचान आसानी से हो सकेगी। अधिकारियों के सामने इन हथियारों का प्रदर्शन तो नहीं किया गया, लेकिन इनकी खूबियों के बारे में जरूर बताया गया। हथियारों को देखने के बाद मौके पर डीसी और डीआईजी ने अन्य अधिकारियों को सचेत किया कि ड्यूटी मेजिस्ट्रेट के तौर पर काम करते समय आप अपने विवेक से इन हथियारों का इस्तेमाल करने की छूट दे सकते हैं। इनमें से कई हथियार तो ऐसे भी हैं, जिन्हें कोई भी इस्तेमाल कर सकता है।
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ये हैं नए हथियार
प्लास्टिक पैलेट बुलेट
ये खास तरह की बुलेट हैं। जो पांच हिस्सों में बंट सकती है। बंदूक में डालने के लिए इन्हें जोड़ना पड़ता है, लेकिन जैसे ही ये बंदूक से निकलती हैं तो हवा में प्रेशर के चलते पांच हिस्सों में बंट जाती हैं। खास बात यह है कि ये पांचों गोलियां अलग-अलग टारगेट को हिट करती हैं। हालांकि ये जानलेवा नहीं हैं, लेकिन जहां लगती हैं। उस हिस्से में काफी तेज दर्द कर देती हैं।

शॉक मेटल
रॉड के समान दिखने वाला यह हथियार बेहद शक्तिशाली है। इसका बटन ऑन करते ही सामने वाले हिस्से में बने दो तारों के बीच 220 वॉट का करंट दौड़ने लगता है। अगर किसी व्यक्ति पर इसका प्रयोग किया जाए तो उसकी जान तो नहीं जाती, लेकिन वो कुछ देर के लिए बेसुध हो जाता है।
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खुजली बम
आंसु गैस की तरह ही खुजली बम को लॉंचर से छोड़ा जाता है। लांचर से छोड़ने के बाद यह टारगेट एरिया में गैस छोड़ता है। गैस जिस किसी व्यक्ति के शरीर के संपर्क में आएगी, उसे खुजली होने लगेगी। विशेषतौर पर कमर, हाथ-पैरों पर इसका ज्यादा असर पड़ता है।

डाई मार्कर बम
यह भी लॉंचर से छोड़ा जाता है। टारगेट एरिया में गैस के साथ काले रंग की स्याही फैल जाएगी, जोकि उस एरिया में मौजूद लोगों के कपड़ों और शरीर पर जा लगेगी। यह स्याही चुनाव के दौरान अंगुली पर निशान लगाने के लिए प्रयोग में लाई जानी वाली स्याही सरीखी होती है। इसका रंग कई दिनों बाद ही जाता है। ऐसे में दंगें के बाद उपद्रवियों की आसानी से पहचान हो सकेगी।

मुक्का रॉड
यह रॉड खास तरह से डिजाइन की गई है। विदेशों में पुलिस इसका इस्तेमाल करती है, लेकिन हरियाणा में पुलिस इसका पहली बार इस्तेमाल करेगी। इस रॉड के जरिए सामने वाले को मुक्के का जबरदस्त प्रहार किया जा सकता है। इसके अलावा तेजधार हथियार और डंडों से यह शरीर की रक्षा भी कर सकती है।

लाइट वेट सेफ्टी जैकेट
बुलेट प्रूफ जैकेट से थोड़ा कम शक्तिशाली यह जैकेट खास तौर पर दंगों से निपटने के लए तैयार की गई है। इस जैकेट पर लात, घूसों, लाठी या डंडों का असर नहीं होता। मजबूत फाइबर से बनी ये जैकेट ईंट के वार को भी झेल लेती है।
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