हुल्लाहेड़ी रोड पर गांव बड़वासनी के पास करेवड़ी निवासी पिता-पुत्र पर गाड़ी में सवार युवकों ने गोलियां चला दी। वारदात में पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल है। हमले के पीछे चुनावी रंजिश बताई जा रही है। हमले का आरोप करेवड़ी के ही अजय उर्फ कन्नू और उसके साथियों पर लगाया गया है। गौरतलब है कि चार दिन पहले भी गांव जाहरी में करेवड़ी के दो युवकों पर हमला किया गया था, इसमें एक युवक की मौत हो गई थी। उस हमले के पीछे भी अजय और उसके साथियों को आरोपी बताया गया था। लगातार दो हत्याओं के बाद से करेवड़ी गांव में दहशत बनी हुई है।
गांव करेवड़ी जगबीर (50) बेटे अनिल (25) के साथ बाइक से गुरुवार शाम सोनीपत से गांव की तरफ जा रहे थे। रास्ते में जब पिता-पुत्र बड़वासनी से हुल्लाहेड़ी गांव की ओर चले तो पहले से ही घात लगाए बैठे युवकों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। गोली लगने से जगबीर की तो मौके पर ही मौत हो गई, वहीं अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। अनिल को चार गोलियां लगी। वारदात के बाद युवक मौके से फरार हो गए। वहीं आसपास के लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल अनिल और जगबीर को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। जहां से अनिल को रेफर कर दिया गया। जगबीर का शव अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है। अस्पताल में जांच के लिए डीएसपी मुकेश जाखड़ और थाना सदर प्रभारी अजय मलिक भी पहुंचे। मौके पर मौजूद ग्रामीण और परिजनों ने इस मामले में गांव के ही अजय उर्फ कन्नू को आरोपी बताया। बताया गया कि चुनावी रंजिश की वजह से ही अजय ने यह वारदात की है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पहले अनिल के बयान दर्ज किए जाएंगे, उसके बाद ही मामला दर्ज होगा।
चार दिन पहले भी की थी हत्या
बता दें कि 8 मई को गांव जाहरी में भी करेवड़ी निवासी ट्रांसपोर्टर के मुनीम वीरेंद्र की हत्या की गई थी। वीरेंद्र और उसके साथी सुनील पर कुछ युवकों ने जाहरी गांव के अड्डे पर हमला किया था। सुनील गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में सुनील के पिता की शिकायत के आधार पर अजय उर्फ कन्नू एवं उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
ये है अजय का आपराधिक रिकॉर्ड
अजय उर्फ कन्नू का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उस पर हत्या प्रयास के पांच, लूट व अवैध शस्त्र के दो-दो मामले दर्ज हैं। अजय के खिलाफ सबसे पहले वर्ष 2009 में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद इसी वर्ष हत्या के प्रयास के कुल तीन और लूट के दो मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2012 में उसके खिलाफ अवैध शस्त्र के दो और हत्या के प्रयास का एक मामला दर्ज हुआ था। एक माह पहले अजय और नीटू के खिलाफ सरपंच नरेश ने घर के बाहर गोली चलाने का मामला दर्ज कराया था।
गांव में दहशत, मिलेंगे एसपी से
पहले तो गांव के वीरेंद्र और उसके बाद अब जगबीर की हत्या के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। सुनील का परिवार भी दहशत में हैं। इसी को लेकर गांव करेवड़ी के सरपंच नरेश ने बताया कि वे इस मामले में ग्रामीणों के साथ शुक्रवार को लघु सचिवालय पहुंचकर एसपी से मुलाकात करेंगे। नरेश ने बताया कि पुलिस अधीक्षक से इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की जाएगी।
भाई ने लड़ा था सरपंच का चुनाव
बता दें कि अजय के भाई संजय ने ही पंचायती चुनाव में सरपंच का चुनाव लड़ा था, लेकिन उसकी हार हो गई थी। इस हार के बाद से संजय के भाई अजय ने गांव के कुछ लोगों के साथ रंजिश रखनी शुरू कर दी थी। लगभग एक माह पहले ही संजय और उसके पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
पूरे गांव को दी थी धमकी, डीएसपी को एक दिन पहले चेताया था
बता दें कि डीएसपी भारती डब्बास भी एक दिन पहले गांव करेवड़ी पहुंची थी। लोगों को जागरूक करने के लिए गांव में पहुंची डीएसपी को ग्रामीणों ने चेताया भी था। ग्रामीणों ने बताया था कि गांव के अजय उर्फ कन्नू ने पूरे गांव को धमकी दे रखी है। आरोप है कि अगर पुलिस वीरेंद्र की हत्या के बाद भी सक्रिय हो जाती तो यह वारदात नहीं होती।
हत्याकांड की जांच की जा रही है। वीरेंद्र की हत्या के पीछे भी चुनावी रंजिश थी और इस हत्या के पीछे भी चुनावी रंजिश ही बताई जा रही है। अनिल के बयान दर्ज करने के लिए टीम भेजी गई है।
-मुकेश जाखड़, डीएसपी, सोनीपत