हलवाई हट्टा के पास एक स्वर्णकार से पिस्तौल के दम पर लूटपाट करने के आरोपी दो युवकों को जेएमआईसी मेनका सिंह की अदालत ने दोषी करार दिया है। दोषियों को सीजेएम सुरेंद्र सिंह की अदालत ने 6-6 साल कैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 1-1 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना नहीं भरने की सूरत में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामला 14 मई 2009 का है।
हलवाई हट्टा के पास भोला ज्वैलर्स के नाम से सुभाष चंद्र की दुकान है। सेक्टर-14 निवासी सुभाष चंद्र के साथ दुकान में लूटपाट हुई थी। सुबह के समय सुभाष चंद्र दुकान में पूजा कर रहे थे, इसी दौरान तीन युवक दुकान में घुस आए। इसमें से दो ने उन्हें पकड़ लिया तथा पिस्तौल दिखाकर लूटपाट शुरू कर दी। युवक दुकान में से आभूषण लूट ले गए थे। शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। इस मामले का खुलासा उस समय हुआ जब 4 मार्च 2010 को पवन उर्फ हकला निवासी मदीना, रोहतक को अवैध हथियार सहित काबू किया गया। पवन ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने साथी मोहित और एक अन्य के साथ भोला ज्वैलर्स में लूट की थी। पुलिस ने मोहित को भी काबू कर लिया था। इस मामले की सुनवाई के दौरान जेएमआईसी मेनका सिंह की अदालत ने मोहित और पवन को दोषी करार दिया। वहीं सीजेएम सुरेंद्र सिंह ने दोषियों को 6-6 वर्ष कैद की सजा सुनाई।
3 साल से अधिक सजा नहीं सुना सकते जेएमआईसी
जेएमआईसी यानि की जूनियर मेजिस्ट्रेट इन चीफ की अदालत को 3 साल से अधिक की सजा सुनाने का अधिकार नहीं है। इसी वजह से मेनका सिंह की अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया तथा सजा के लिए मामला सीजेएम की अदालत में भेजा गया था। इसीलिए सीजेएम ने इस मामले में सजा सुनाई।