हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह ने किशोरी को बहकाकर ले जाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 70 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश किए गए हैं। जुर्माना न देने पर 22 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
खरखौदा क्षेत्र के ईंट भट्ठे पर रहने वाले व्यक्ति ने 18 मई 2022 को खरखौदा थाना पुलिस को बताया था कि वह मूलरूप से यूपी के रहने वाले है। उनकी 13 साल की बेटी 17 मई 2022 को अचानक लापता हो गई। उसने अज्ञात पर बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में बालिका लौट आई थी।
उसने बताया था कि उसे मूलरूप से यूपी का रणजीत बहकाकर ले गया था। वह ईंट भट्ठे के पास ही रहता था। आरोपी ने उसे एक झोपड़ी में ले जाकर दुष्कर्म किया था। जिसका पता लगने पर मामले के तत्कालीन जांच अधिकारी रामनिवास की टीम ने कार्रवाई करते हुए 6 पॉक्सो एक्ट, भादंसं की धारा 363 व 366 जोड़ दी थी।
जांच अधिकारी रामनिवास की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रणजीत को 23 मई 2022 को गिरफ्तार कर लिया था। उससे घटनास्थल की निशानदेही करा ली थी। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
मामले की सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह ने आरोपी रणजीत को दोषी करार दिया। शुक्रवार को मामले में सजा सुनाते हुए अदालत ने दोषी को 6 पॉक्सो एक्ट में उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 363 में पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना तथा 366 में भी पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना किया है। सभी सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना राशि में से 50 हजार पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।