जीटी रोड पर गांव हसनपुर मोड़ के पास एक तेज रफ्तार कैंटर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे ट्रैफिक बूथ में जा घुसा। इस दुर्घटना में सिपाही की मौत हो गई, जबकि दो सीआरपीएफ जवान सहित तीन घायल हो गए। घायलों को सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद चालक कैंटर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जींद के गांव मेहराड़ा का रहने वाला राजेंद्र पुलिस में सिपाही के पद नियुक्त था। वह अपने साथी सिपाही रोहतक के गांव जसिया निवासी प्रदीप व सीआरपीएफ के जवान जम्मू निवासी अजय वर्मा व यूपी के बड़ौत निवासी आशीष शर्मा के साथ गांव हसनपुर ट्रैफिक बूथ पर नियुक्त था। रविवार देर रात राजेंद्र बूथ के अंदर था और अन्य जवान बाहर तैनात थे। इसी दौरान दिल्ली की तरफ से आ रहा एक कैंटर अनियंत्रित होकर जवानों को रौंदते हुए पुलिस बूथ पर पलट गया। हादसे में बूथ बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। राजेंद्र सहित सभी जवान बूथ के नीचे दब गए। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। राहगीरों ने हादसा देख जवानों को बाहर निकाला। उन्होंने पुलिस को मामले से अवगत कराया। सूचना मिलते ही मुरथल थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां राजेंद्र को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सोमवार सुबह पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में राजेंद्र की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। राजेंद्र आठ भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसका दो साल का बेटा है और अब उसकी पत्नी आठ माह की गर्भवती है। अस्पताल में पहुंचे परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
आरक्षण आंदोलन के चलते बूथ पर तैनात हैं सीआरपीएफ के जवान
हादसे में घायल हुए अजय व आशीष हसनपुर पुलिस बूथ पर सीआरपीएफ के जवानों को भी तैनात किया गया है। दोनों सीआरपीएफ कर्मी 137वीं बटालियन के सदस्य हैं। रात को भी जवानों सुरक्षा को लेकर तैनात थे जब ये हादसा हुआ।
बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया पुलिस बूथ
हादसा होने की स्थिति में घायलों को तुरंत उपचार दिलाया जा सके इसके लिए पुलिस बूथ हाईवे पर स्थापित किए गए हैं। हालांकि बूथ सड़क से सटाकर स्थापित किए जाने के चलते यह हादसा हो गया। राहगीरों को कहना था कि अगर बूथ सड़क से थोड़ा अंदर स्थापित किया जाता तो हादसा होने से रोका जा सकता है।
पुलिस बूथ पर रात के समय तैनात जवानों को एक अनियंत्रित कैंटर ने रौंद दिया। हादसे में एक सिपाही की जान चली गई। वहीं, तीन अन्य घायल हो गए। कैंटर गांव टिकौला निवासी उमेश का है। उसके चालक का पता लगाया जा रहा है। उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
-रामबीर, मुरथल थाना प्रभारी।
सिपाही की मौत पर जताया शोक
सड़क हादसे में राजेंद्र की मौत के बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शोक सभा आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी ने सिपाही की मौत पर शोक जताया है। उन्होंने इसे अपूर्णीय क्षति करार दिया। वहीं, डीएसपी गन्नौर ओमप्रकाश ने राजेंद्र ने गांव मेहराड़ा में सिपाही की राजकीय सम्मान से हुई अंत्येष्टि में पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।