चार दिनों में तीन लोगों की हत्या से करेवड़ी गांव दहशत में है। यहां की गलियों में सन्नाटा है तो ग्रामीणों में गुस्सा भी। हत्या के मुख्य आरोपी कन्नू की धमकी से लोग घरों में कैद हैं तो पुलिस प्रशासन को उनकी लापरवाही के लिए कोस रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की ढिलाई की वजह से ही तीन लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, नहीं तो चुनावी रंजिश का यह खूनी खेल केवल सरपंच के घर के आगे फायर करने पर ही बंद हो जाता।
बता दें कि 8 मई की रात को गांव करेवड़ी के वीरेंद्र और सुनील पर गांव जाहरी में हथियारबंद युवकों ने हमला किया था। हमले में वीरेंद्र की मौत हो गई थी। हत्या और हत्या के प्रयास का मामला गांव के ही अजय उर्फ कन्नू तथा उसके साथियों पर लगा था। वारदात को चार दिन ही बीते थे कि करेवड़ी के पिता-पुत्र जगबीर और अनिल पर ताबड़तोड़ गोलियों की बरसात कर दी गईं। हमले में जगबीर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया था।
अनिल ने देर रात दम तोड़ दिया था। इस मामले में भी हत्या का आरोपी अजय उर्फ कन्नू तथा उसके साथियों पर लगा था। दोनों मामले नामजद हैं, लेकिन कन्नू का कोई सुराग अब तक नहीं लगा है। इनाम पहले 50 हजार और बाद में 5 लाख रख दिया गया है, लेकिन फिर भी कुछ नहीं पता चल रहा।
फोन पर कहा था कि आ रहा हूं मैं : सुशील
मृतक जगबीर का बड़ा बेटा सुशील कुमार सेना में मेजर है। पिछले तीन दिनों से वह गांव में आए हुए हैं। सुशील कुमार ने बताया कि जिस दिन वीरेंद्र की हत्या की गई थी, उसी दिन के बाद से कई बार स्थानीय पुलिस अधिकारियों को सचेत किया जा चुका था। जिस दिन पिता जगबीर और भाई अनिल की हत्या की गई, उसके एक दिन पहले ही पिता के साथ बातचीत हुई थी। उन्हें अहसास हो रहा था कि कुछ बुरा होने वाला है। सुशील कुमार ने बताया कि पिता जगबीर उसे बुला रहे थे और उसने भी कहा था कि मैं आ रहा हूं, लेकिन जब तक छुट्टी ले पाता, तब तक देर हो चुकी थी।
सरपंच पर हुआ था हमला, उस समय चेताया था : महेंद्र
मेरा बेटा तो 8 मई को जाहरी में बारात में हिस्सा लेने गया था। पंचायत चुनावों में उसका कोई खास लेना-देना नहीं था। इसके बावजूद उसकी हत्या कर दी। आंखों में दर्द लिए मृतक वीरेंद्र के पिता महेंद्र ने बताया कि जब सरपंच के घर पर गोली चली थी, उस समय से लगातार पुलिस को चेताया जा रहा था। लेकिन किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। डीएसपी तक को इस बारे में बताया गया था कि यहां कोई वारदात हो सकती है।
पांच टीमें, पांच लाख इनाम, नतीजा जीरो
बता दें कि इस मामले में एसआईटी सोनीपत, एसआईटी गोहाना, सीआईए, थाना मोहाना, थाना सदर की पांच टीमें काम कर रही हैं। आरोपी अजय उर्फ कन्नू पर ईनाम भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया। लेकिन नतीजा अभी तक सिफर है। पुलिस अभी तक अंधेरे में तीर चला रही है। 8 तारीख को वारदात करने के बाद 10 दिन बीत चुके हैं, इस दरम्यिान आरोपी एक और वारदात कर चुका है, फिर भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। यह पुलिस कार्रवाई पर एक बड़ा सवाल है।
नजदीक है टीम, जल्द गिरफ्तारी संभव
इस मामले में पुलिस के अधिकारी भी लगातार बोलने से बच रहे हैं। हालांकि एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दो-तीन दिन में ही आरोपियों की गिरफ्तारी संभव है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस आरोपी और उसके साथियों के बेहद नजदीक है। अगर कहीं चूक नहीं हुई तो आरोपी काबू कर लिया जाएगा। अधिकारी ने ये भी माना कि इस मामले में दबाव बहुत है, इसीलिए वे दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।