दहेज उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी के मामले में पति मदीना निवासी धीरज, ननद सुशीला और सरस्वती को एक-एक साल की कैद तथा 22-22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, सास ओमपति पर 22 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। खरखौदा स्थित जेएमआईसी डॉ. कविता कंबोज की अदालत ने ससुर रामचंद्र को बरी कर दिया।
गांव सिलाना निवासी शीतल ने 2010 में खरखौदा थाने में शिकायत दी थी कि उसकी शादी गांव मदीना निवासी धीरज के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए तंग किया जा रहा है। पुलिस ने पति धीरज, सास ओमपति, ननद सुशीला व सरस्वती तथा ससुर रामचंद्र के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तभी से कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। बुधवार को न्यायाधीश डॉ. कविता कंबोज की अदालत ने पीड़िता के पति धीरज, ननद सुशीला व सरस्वती और सास ओमपति को दोषी करार दिया। जबकि ससुर रामचंद्र को बरी कर दिया।