तीन सप्ताह पहले भंडेरी गांव से लापता छात्रा की रेप के बाद हत्या के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीण शनिवार सुबह सड़क पर उतर आए और महम-गोहाना रोड को जाम कर दिया। साथ ही मिलीभगत का आरोप लगाकर बरोदा थाना प्रभारी धीरज को सस्पेंड करने की मांग की। ग्रामीणों ने एसडीएम अजय कुमार के आश्वासन पर छह घंटे बाद जाम खोला। साथ ही थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही आरोपियों को गिरफ्तार व छात्रा के शव का जल्द सुराग लगाने का पुलिस की तरफ से भरोसा दिया।
भंडेरी गांव की छात्रा 12 नवंबर को घर से पढ़ने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने कई जगह तलाश किया, लेकिन कहीं सुराग नहीं लग सका। इसके बाद बरोदा थाने में अपहरण का मामला दर्ज करवाया। ग्रामीणों का आरोप है कि थाना प्रभारी धीरज ने पूछताछ के लिए खानपुर गांव के युवक विक्रम को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। जब सीएम खानपुर विवि आए, तब ग्रामीण उनसे मिले। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। एसआईटी ने 30 नवंबर को खुलासा किया कि भंडेरी की छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई है।
शव को मुगलपुरा के एक होटल से कार में रखकर आरोपी विक्रम व होटल मालिक ले गए। पुलिस ने वारदात में सहयोग करने में होटल मालिक की पत्नी व दो कारिंदों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी विक्रम व होटल मालिक न केवल अब तक फरार हैं, बल्कि छात्रा का शव भी बरामद नहीं हो सका है। इससे नाराज ग्रामीण शनिवार को महम-गोहाना मार्ग पर आकर बैठ गए तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ भी जमकर भड़ास निकाली तथा छात्रा की हत्या करने के आरोपी को छोड़ने के आरोप लगाते हुए बरोदा के थाना प्रभारी धीरज को बर्खास्त करने की मांग की।
मृतक छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया कि बरोदा पुलिस की ढील के कारण आरोपी फरार होने में कामयाब हो गया। ग्रामीणों ने सवाल किया कि जब बरोदा पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था तो उसे छोड़ा क्यों गया। उन्होंने आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस आज तक छात्रा का शव भी बरामद नहीं कर पाई है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
एसडीएम व डीएसपी के आश्वासन पर खोला जाम
जाम को खुलवाने के लिए पहुंचे एसडीएम अजय कुमार व डीएसपी राजीव देशवाल द्वारा ठोस कार्रवाई करने के आश्वासन देने व बरोदा के थाना प्रभारी धीरज को निलंबित करने के बाद ही ग्रामीणों ने प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देकर जाम खोला। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने चार शर्तें रखी हैं, जिनमें एसएचओ के खिलाफ 120 बी के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करना, मुख्य आरोपी विक्रम व होटल संचालक को गिरफ्तार करना व छात्रा का शव बरामद करना शामिल है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि सात दिसंबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो गोहाना में अंबेडकर चौक को जाम कर दिया जाएगा।
22 दिन से क्या कर रही है पुलिस
जाम खुलवाने गए अधिकारियों से ग्रामीणों ने सवाल किया कि छात्रा की मौत को 22 दिन बीत गए हैं। अब तक पुलिस ने क्या कार्रवाई की है। उनका कहना है कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे और उनकी बेटी का शव नहीं मिलेगा, वे चैन से नहीं बैठेंगेे। इसके लिए चाहे उन्हें कितनी ही बड़ी लड़ाई क्यों न लड़नी पड़े।