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रोडवेज बस में युवकों ने रोका छात्राओं का रास्ता, बस को थाने ले गया चालक

Tue, 18 Oct 2016 01:37 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
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छात्रों से माफीनामा लिखवाती पुलिस व साथ में खड़ा बस चालक। - फोटो : sonipat
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शासन-प्रशासन बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान चलाकर कितने भी दावे करे, लेकिन हकीकत में हालात तस के तस हैं। सोमवार सुबह कालूपुर चुंगी पर दबंग युवकों ने खरखौदा से सोनीपत आ रही बस की अगली खिड़की में खड़े होकर छात्राओं का रास्ता रोक लिया। विरोध करने पर कहा, जिसको उतरना है, पिछली खिड़की से उतर आए। बस चालक ने हिम्मत दिखाई और यात्रियों से भरी बस को सिटी थाने में ले गया। थाने में पहुंचने से पहले पांच युवक नीचे उतरकर फरार हो गए, लेकिन तीन युवक धरे गए। बाद में लिखित में माफी मांगने पर उन्हें पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। साथ ही उनके परिजनों को उनकी हरकत से अवगत करवाया गया।
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सोनीपत डिपो की बस के चालक घनश्याम व परिचालक जयबीर सिंह ने बताया कि रोज सुबह बस साढ़े आठ बजे बस खरखौदा से बस सोनीपत के लिए रवाना होती है। स्कूल व कालेज टाइम होने के चलते रास्ते में काफी संख्या में छात्र व छात्राएं सफर करती हैं। पिछले पांच दिन से रास्ते में सवार होने वाले कुछ दबंग छात्र यात्रियों के साथ-साथ उन्हें भी परेशान कर रहे थे। कभी रास्ते में अवरोधक अड़ा कर बस रुकवा लेना और कभी टिकट की कहने पर उल्टा जवाब देना। सोमवार सुबह हद हो गई। यात्रियों से खचाखच भरी बस से जब कालुपूर चुंगी से छात्रा अगली खिड़की से नीचे उतरने लगी तो अगली खिड़की में खड़े सात-आठ युवकों ने दबंगई दिखाते हुए रास्ता देने से इंकार कर दिया। कहा, वे खिड़की से नहीं हटेंगे। किसी को नीचे उतरना है तो पिछली खिड़की से उतर जाए। इस परिचालक जयबीर ने यवुकों को समझाया, लेकिन युवक नहीं माने। एक युवक ने जवाब दिया कि वे नहीं डरते, जो करना है कर ले। उस समय छात्राएं व दूसरे यात्री पिछली खिड़की नीचे उतर गए।

बस चालक सीधा थाने ले गया बस
युवकों की दबंगई से परेशान बस चालक घनश्याम बस आईटीआई चौक की बजाय सीधा सिटी थाने में ले गया। आधा दर्जन युवक तो बस से नीचे उतर गए, लेकिन तीन युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया या। दूसरे साथी की जगह ड्यूटी दे रहे एएसआई संजय की मौजूदगी तीनों युवकों ने पहले लिखित में माफी मांगी। लिखा कि वे दोबारा ऐसी गलत नहीं करेंगे। इसके बाद युवकों के परिजनों को फोन कर घटनाक्रम से अवगत करवाया। इसी बीच एक युवक ने डीटीसी में कार्यरत अपने रिश्तेदार की बात बस चालक घनश्याम से करवाई। इसके बाद युवकों को छोड़ दिया गया।
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दो बहनों के प्रकरण से लिया सबक
बस चालक व परिचालक ने बताया कि आज भी उन्हें रोहतक एरिया में चलती बस में हुआ दो बहनों का प्रकरण याद है। उस समय सबसे पहले बस चालक को सस्पेंड किया गया था। आरोप था कि उसने बस को नजदीकी पुलिस चौकी में क्यों नहीं रोका। चालक ने बताया कि हर रोज की हरकत से परेशान होकर वे बस थाने में ले गए।

युवकों के लिखित माफी मांगने पर छोड़ दिया गया। युवक स्कूल व कालेज में पढ़ते हैं। साथ ही किसी यात्री व बस चालक व परिचालक ने लिखित शिकायत नहीं दी। चुंगी पर एक पुलिसकर्मी की सुबह ड्यूटी लगा दी गई है, ताकि दोबारा ऐसी हरकत न हो
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-एएसआई संजय, सिटी थाना
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