दो साल पहले राठधाना रोड पर पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने के आरोपी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार की अदालत ने दोषी करार दिया है। दोषी को पांच साल की सजा सुनाते हुए 7 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न भरने की सूरत में अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी। हालांकि इसी मामले में अन्य आरोपियों को अदालत ने बरी किया है।
बता दें कि बारोटा चौकी में 18 अप्रैल, 2013 को चौकी प्रभारी एएसआई रवींद्र कुमार ने शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि वह अपनी टीम के साथ राठधना रोड पर गश्त पर था। उसे सूचना मिली थी कि राठधाना गांव के पास साहरी फैक्टरी के साथ ही अंधेरे में 7-8 युवक एकत्र हैं और ये किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। बकौल रवींद्र वह सूचना के आधार पर टीम के साथ मौके पर पहुंचे और युवकों को घेर लिया। जब युवकों को आत्मसमर्पण के लिए कहा तो उन्होंने भागने का प्रयास किया। इसी प्रयास में एक युवक ने पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। हालांकि पुलिस ने इस दौरान चार युवकों को पकड़ लिया था। जिनकी शिनाख्त मोहम्मद कासिम निवासी जहांगीरपुरी दिल्ली, चमन निवासी गांव जोगीठेर बरेली उत्तर प्रदेश, मोहम्मद रफीक निवासी गांव चंदपुर काजीयान, मोनू निवासी गांव मंडी उत्तर प्रदेश के तौर पर की गई थी। चमन के कब्जे से एक तमंचा बरामद किया गया था। इस मामले में प्रवीण कुमार की अदालत ने आरोपी चमन को दोषी करार दिया और अन्य को बरी घोषित कर दिया। चमन को 5 साल कैद और 7 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।