हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव माहरा स्थित हैफेड के गोदाम में रखे एफसीआई के गेहूं का वजन बढ़ाने के लिए बोरियों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा था। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने शनिवार देर रात गोदाम पर छापा मारकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किए जाने का खुलासा किया है। डीएसपी अजीत सिंह के निर्देश पर टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार प्रदीप कुमार के साथ छापा मारा।
गोदाम में पानी का छिड़काव कर रहे दो चौकीदार समेत तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने मामले में तीनों चौकीदार, हैफेड के फूड इंस्पेक्टर (एफआई) और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मोहाना पुलिस ने तीनों चौकीदारों को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक की टीम में नियुक्त एसआई जयभगवान ने मोहाना थाना पुलिस को बताया वह शनिवार रात को अपने कार्यालय में मौजूद थे। इसी दौरान सूचना मिली कि माहरा में हैफेड के गोदाम में रखे एफसीआई के गेहूं को पानी डालकर भिगो दिया जाता है। जिससे सप्लाई के दौरान उसका वजन बढ़ जाता है। महीने में गेहूं को कई बार भिगोया जाता है।
जिससे गेहूं खराब होकर विषैला हो जाता है। इस गेहूं को आगे वितरित कर दिया जाता है। जिससे महामारी फैलने की आशंका बन जाती है। सूचना के बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। जिसके बाद डीसी सोनीपत को मामले की जानकारी देकर नायब तहसीलदार प्रदीप कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कराया गया। देर रात टीम ने गोदाम पर छापा मारा।
वहां गोदाम का चौकीदार मोहम्मदपुर निवासी दलबीर मिला। अंदर जाकर देखा तो दो अन्य चौकीदार बुटाना निवासी बालकिशन व हसनगढ़ निवासी बिजेंद्र स्टेग पर रखी गेहूं की बोरियों पर सबमर्सिबल से पानी डाल रहे थे। उन्होंने टीम को बताया कि वह एफआई देवेंद्र ढुल व अन्य अधिकारियों के कहने पर पानी डाल रहे थे। वह 500 फुट लंबी पाइप से पानी डाल रहे थे।
जिस पर मोहाना थाना पुलिस को अवगत कराया गया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस टीम ने एसआई जयभगवान के बयान पर बालकिशन, दलबीर, बिजेंद्र व देवेंद्र सिंह ढुल व अन्य के खिलाफ भादंसं की धारा 269 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
एफसीआई खरीदकर हैफेड के गोदाम में रखती है गेहूं
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम के अधिकारी ने बताया कि एफसीआई गेहूं की खरीद कर उसे हैफेड के गोदामों में रखवाती है। जिसकी एवज में एफसीआई खर्च वहन करता है। इन गोदामों से ही सालभर राशन डिपो व अन्य स्थानों पर गेहूं की आपूर्ति की जाती है। अक्सर राशन डिपो पर पहुंचने वाले गेहूं की गुणवत्ता खराब होने या उसके भीगा हुआ होने की शिकायत आती रहती है।
गेहूं चोरी की आशंका, पानी डालकर गुणवत्ता की जा रही खराब
गांव माहरा में बने गोदाम में रखे गेहूं पर पानी डाला जा रहा था। इससे गेहूं की गुणवत्ता खराब करने का प्रयास हो रहा था। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने गेहूं चोरी करने व बाद में वजन बढ़ाने के लिए पानी डालने की आशंका भी जताई। हालांकि इसकी जानकारी जांच के बाद ही मिल सकेगी। हालांकि टीम के अधिकारियों ने कहा कि जानकारी मिली है कि गेहूं में पहले कीटनाशक का छिड़काव कर फिर पानी डाला जाता था। ऐसे में गेहूं के न सिर्फ विषैला होने की आशंका बढ़ जाती है, बल्कि फफूंदी लगने, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब होने का डर रहता है। जिसे खाने से कुपोषण का शिकार होने का डर रहता है।
हजारों क्विंटल रखा था गेहूं, पुलिस ने लिए नमूने
मोहाना थाना पुलिस ने मौके से भीगे हुए गेहूं के नमूने लिए हैं। वहां पर हजारों क्विंटल गेहूं रखा हुआ था। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम के अनुसार, करीब 11 स्टेग पर रखे गेहूं पर पानी डाला गया था। एक स्टेग पर करीब तीन हजार से 3500 क्विंटल गेहूं रखा होने का अनुमान है। साथ ही गेहूं पर पानी डालने में प्रयोग किए जा रहे 500 फुट के पाइप को भी कब्जे में लिया गया है। इसके साथ मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने मामले की जानकारी डीएम हैफेड को दे दी है। जिसके बाद गोदाम में चौकीदार बादल व विनोद को छोड़ा गया है।
कीटनाशक दवा युक्त अनाज खाने से उल्टी, पेट दर्द व बीपी कम होने की आशंका
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र राणा ने बताया कि अनाज को खराब होने से बचाने के लिए कीटनाशक दवाएं डाल दी जाती है। कीटनाशक दवाएं सल्फास व फास्फोरस से बनाई जाती है। कीटनाशक दवा युक्त अनाज में पानी का छिड़काव होने से दवा पिघल जाती है। अगर भूल वश अनाज को बिना धोए खाने में इस्तेमाल किया जाता है तो उल्टी, पेट दर्द व बीपी कम होने की आशंका रहती है। ऐसे में स्वास्थ्य खराब होने के बाद लोगों को घरेेलू उपचार करने की बजाय चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। लोगों को हमेशा खाने में अनाज को धोकर प्रयोग करना चाहिए।
हैफेड के गोदाम में एफसीआई का गेहूं रखा गया है। देर रात जानकारी मिली थी कि गोदाम में गेहूं की बोरियों पर सबमर्सिबल से पानी डाला जा रहा है, जिससे वजन बढ़ाया जा सके। गेहूं निकालने के बाद नमी ज्यादा कर वजन बढ़ाने का अंदेशा है। इससे गेहूं की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ता है। तीन आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है। मामले में चौकीदारों ने एफआई व अन्य अधिकारियों के कहने पर पानी डालने की बात कही है। जिस पर तीनों चौकीदार, एफआई व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। - अजीत सिंह, डीएसपी, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता