हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने मंदबुद्धि किशोरी को बहकाकर ले जाने के बाद उससे दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना राशि में से एक लाख रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
एक गांव के व्यक्ति ने 12 अगस्त, 2020 को पुलिस को बताया था कि उसकी 17 साल की बेटी मंदबुद्धि है। किशोरी के पिता ने बताया था कि उसकी बेटी प्लॉट की तरफ गई हुई थी। रास्ते में जितेंद्र अमरूद देने के बहाने उसकी बेटी को बहकाकर बाग में ले गया।
आरोपी ने बाग में बने कमरे में ले जाकर उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। जिसका पता लगने पर उन्होंने पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले की सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने जितेंद्र को दोषी करार दिया। अदालत ने मंगलवार को मामले में फैसला सुनाते हुए 6 पॉक्सो एक्ट में दोषी को आजीवन कारावास व एक लाख रुपये जुर्माना तथा भादंसं की धारा 363 में पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से एक लाख रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं।