तीन साल पहले अपनी बहू की हत्या करने के आरोपी फुफेरे ससुर को अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस श्योराण की अदालत ने दोषी पर जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम न भरने की सूरत में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामला एचएसआइआइडीसी, राई स्थित एक फैक्टरी परिसर का है। वारदात को शराब के पैसे नहीं देने पर अंजाम दिया गया था।
11 अक्टूबर 2012 को थाना राई पुलिस को हमीरपुर, उत्तर प्रदेश निवासी जयभगवान ने शिकायत दी थी। इसमें उसने बताया था कि उसकी बहन वंदना अपने पति रामनारायण निवासी गांव चुरारी, मऊ, उत्तरप्रदेश के साथ काफी समय से एचएसआईआईडीसी राई स्थित एक फैक्टरी में रहती थी। राजमिस्त्री का काम करने वाले रामनारायण के पास कुछ दिन पहले ही उसका फूफा खूबचंद निवासी सिसमौर, महुआ, उत्तर प्रदेश आकर रहने लगा था। इसी दौरान रामनारायण का चाचा बीमार हो गया और वह 8 अक्टूबर को अपने गांव चला गया। घर की देखभाल के लिए फूफा खूबचंद को घर भी छोड़ दिया था। आरोप है कि 10 अक्टूबर की रात को खूबचंद ने शराब के नशे में वंदना के साथ झगड़ा किया। वंदना से शराब के लिए पैसे मांगे, जब वंदना ने मना किया तो उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद खूबचंद ने वंदना का शव पानी के हौद में फेंक दिया और मौके से फरार हो गया। अगले दिन राई निवासी प्रदीप शर्मा ने हौद में शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और इसके बाद परिजनों को सूचना दी। जयभगवान की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने अगले ही दिन आरोपी खूबचंद को गिरफ्तार कर लिया था। अब अदालत ने आरोपी खूबचंद को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।