अपने अवैध संबंधों को परवान चढ़ाने के लिए दूसरी महिला की हत्या करके शव जलाने के मामले में अदालत ने प्रेमी व प्रेमिक को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर 6-6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
पुलिस के मुताबिक 26 जुलाई, 2008 की रात को सेरसा गांव निवासी राजबीर के मकान में आग लग गई। जांच पड़ताल की तो एक महिला का बुरी तरह झुलसा शव मिला। परिजनों ने समझा की राजबीर की पत्नी संतोष की जलने से मौत हो गई है। इसके चलते घर की बहू मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। छह साल बाद संतोष गांव पहुंची और 2014 में खुलासा किया कि मरने वाली महिला कविता थी।
वह तो जिंदा है। पड़ोस का युवक कर्मबीर उसका अपहरण करके हिमाचल प्रदेश ले गया, जहां पोंटा साहेब में रखा। वहां उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। परिवार के लोग महिला को लेकर थाने में पहुंचे। पुलिस ने संतोष से पूछताछ की और कर्मबीर को गिरफ्तार कर लिया था। कर्मबीर ने खुलासा किया था कि वह संतोष से प्यार करता था। दोनों ने प्रेम को सदा के लिए परवान चढ़ाने के लिए गहरा षड्यंत्र रचा। कविता नाम की महिला की हत्या कर शव को राजबीर के घर में रखकर आग लगा दी। सभी ने समझा कि जलकर मरने वाली महिला संतोष है। पुलिस ने कर्मबीर और संतोष को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से जिला अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी। एडीजे गगनगीत कौर की अदालत ने अब दोनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई।