खानपुर मेडिकल कॉलेज में जींद जिले के गांव हाडवा की महिला सरपंच रेखा (23) की मौत को चुनावी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। रेखा के पति का आरोप है कि चुनाव में हारी प्रत्याशी रवीना और उसके परिजन लगातार धमकी दे रहे थे कि उसे सरपंच नहीं रहने देंगे। इसके चलते वह बीमार हो गई। खानपुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया तो यहां समय पर उपचार नहीं किया गया। पुलिस ने अज्ञात डाक्टर सहित चुनाव में हारी प्रत्याशी, उसके पति सहित सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू दी है। कार्रवाई के आश्वासन पर ही परिजन शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर गांव के लिए रवाना हुए।
गांव हाडवा निवासी रवि ने बताया कि उसकी पत्नी रेखा ने जनवरी में पंचायत चुनाव लड़ा था। इसमें वह जीत गई थी। रवि का आरोप है कि चुनाव के बाद से ही हारी प्रत्याशी रवीना, पति कपिल, परिजन अनिल, सतीश, शमशेर, राजेंद्र व वजीर लगातार रेखा को धमकी देते आ रहे थे कि उसे सरपंच नहीं रहने देंगे और उसे जान से मार देंगे। इनकी धमकी के चलते ही रेखा बीमार रहने लगी।
रवि के अनुसार कुछ दिन पहले भी इन लोगों ने रेखा को धमकी दी थी कि वह उसे जान से मार देंगे। जिससे रेखा को सदमा लगा था और उसे लगातार बुखार आ रहा था। शुक्रवार सुबह वह रेखा को लेकर मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में इलाज के लिए आए थे। जहां शाम को रेखा की मौत हो गई थी। इससे परिजनों ने शव को अस्पताल के बाहर रखकर जोरदार हंगामा किया था। घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत करवाया था।
दम तोड़ने के बाद लगाई आक्सीजन
पति का आरोप है कि डॉक्टरों ने रेखा की समय पर देखभाल नहीं की। इतना ही नहीं जब उसकी मौत हो चुकने के बाद भी डॉक्टर उसके मृत शरीर पर ही ऑक्सीजन और टीके लगाए। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर शव को परिजनों के हवाले कर दिया। उनकी मांग थी कि डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या बोली थाना प्रभारी
खानपुर कलां स्थित महिला थाना प्रभारी कविता ने बताया कि पुलिस ने मृतका रेखा के पति के बयान पर गांव हाडवा निवासी रविना, उसके पति कपिल, परिजन अनिल, सतीश, शमशेर, राजेंद्र व वजीर के खिलाफ जान से मारने की धमकी व अज्ञात डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन ले गए हैं।