लीलू हत्याकांड का खुलासा करते सीओ और कोतवाली प्रभारी।
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शामली में कैराना पुलिस ने लीलू हत्याकांड का खुलासा करते हुए हत्या में प्रयुक्त कार और चालक को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया है। कोतवाली में प्रेसवार्ता के दौरान सीओ भूषण वर्मा ने बताया कि 21 जुलाई की रात साढे़ 9 बजे तीतरवाड़ा में प्रदीप उर्फ लीलू की कार सवार बदमाशों ने गोलियां बरसा कर हत्या कर दी थी।
एसपी विजय भूषण के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी एपी भारद्वाज और एसआई शीशपाल अपनी टीम के साथ हत्याकांड के खुलासे में लगे थे। शुक्रवार सांय चार बजे पुलिस ने खुरगान बाईपास चौराहे से हत्या में लिप्त आरोपी बाबूराम निवासी मोहल्ला रूल्हा कालोनी, बापौली जिला पानीपत हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक तमंचा 315 बोर और दो कारतूस सहित हत्या में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली।
हत्या के दिन पहले तीतरवाड़ा निवासी शफात उर्फ मोटा हाल निवासी बापौली व उसका भाई इरशाद व उसका साला नौशाद निवासी जहांनपुरा हाल निवासी खुरगान व बाबूराम तथा 6 अन्य हत्यारे नई मंडी मुजफ्फरनगर में न्यू गणेश ढाबे पर मिले। यहां पर हत्यारों ने खाना खाया तथा ढाबे मालिक से ढाई हजार रुपये तथा एक नई कार, उसके चालक से 27 सौ रुपये लूट लिए। इसके बाद हत्यारे दो गाड़ियों में सवार होकर तीतरवाड़ा पहुंचे तथा लीलू की हत्या कर दी। लीलू सनौली फैक्ट्री में काम करता था। उसका चाचा हरियाणा सीआइए पुलिस के संपर्क में रहता है।
लीलू ने शफात उर्फ मोटा को धमकी दे रखी थी कि वो उन्हें अपने चाचा के माध्यम से हरियाणा की जेल में पहुंचवा देगा। जिसके बाद शफात उर्फ मोटा ने लीलू को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।