हरियाणा के सोनीपत के गांव टिकौला के पास यमुना में बिना अनुमति पुल बनाने का मामला सामने आने के बाद सिंचाई विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने संबंधित खनन एजेंसी के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है। साथ ही डीसी को पत्र लिखकर पुल को ध्वस्त करने के लिए पुलिस बल की मांग की है।
गांव टिकौला में खनन के लिए एक कंपनी ने नई शर्तों के आधार पर खनन की अनुमति ली थी। आरोप है कि कंपनी ने शर्तों को तोड़ते हुए खनन की प्रक्रिया शुरू कर दी। कंपनी ने सिंचाई विभाग व खनन विभाग से अनुमति के बिना ही यमुना में अस्थायी पुल (कच्चा रास्ता) बना दिया और यमुना के बहाव से छेड़छाड़ की।
कंपनी ने कुछ दिन पहले ही पुल का निर्माण कराने के लिए कट्टे लगाए थे। इसके बाद यमुना के बीच में पाइप लगा दिए। इतना होने पर भी सिंचाई विभाग ने कार्य बंद नहीं कराया। इसका फायदा उठाकर कंपनी लगातार पुल का निर्माण कार्य कराती रही। अब मामला उजागर होने पर खनन को लेकर सिंचाई विभाग ने पुल का निर्माण करने वाले कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
सिंचाई विभाग द्वारा पुल को भी हटाया जाएगा। शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता आरके बोडवाल ने अधिकारियों को अवैध रूप से बनाए पुल को लेकर रिपोर्ट मांगी और पुल हटवाने के निर्देश दिए। विभाग ने इसे लेकर गश्त बढ़ाने का निर्णय लिया है। साथ ही पुलिस को शिकायत दी है। मामले को लेकर मुरथल थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुमित कुमार ने बताया कि यमुना में कच्चा पुल बनाने की शिकायत मिली है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।