एचटेट की परीक्षा में एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। एचटेट लेवल-3 की परीक्षा रद होने के बाद रविवार को हुई लेवल-2 की परीक्षा की फर्जी आंसर-की भेजकर परीक्षार्थियों को ठगने के आरोप में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि उन्होंने तीन जगह आंसर की भेजी, जिनके एवज में 80-80 हजार रुपये लिए गए। आरोपियों में एक पॉलीटेक्निक का छात्र है तो दूसरा 12वीं पास। आरोपियों को ठगी के आरोप में गिरफ्तार कर पुलिस ने उन्हें दो दिन के रिमांड पर लिया है। इस मामले में पुलिस को तीसरे आरोपी की तलाश है।
एसआईटी के एएसआई बिजेंद्र सिंह ने बताया गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि रविवार को सायं के सत्र में एचटेट के लेवल-टू की जो परीक्षा हुई है, उसकी आंसर-की मुरथल स्थित आरके कॉलोनी निवासी नीशू और हसनपुर निवासी जसमेर उर्फ काला के पास हैं।
आरोपियों ने आगे परीक्षार्थियों को भी वाट्सअप के माध्यम से आंसर की भेजी हैं। पुलिस ने छापा मारकर दोनों आरोपियों को मुरथल के पास ढाबे के पास धर दबोचा। उनके कब्जे से बरामद मोबाइल फोन में आंसर की बरामद हुई है। सोमवार को उन्हें धोखाधड़ी के आरोप में अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
80-80 हजार रुपये में तीन जगह भेजी आंसर-की
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि नीशू और उसका भाई रवि पॉलीटेक्निक के छात्र रहे हैं। रवि से ही आरोपियों ने यह कहकर आंसर-की ली थी कि वे उन्हें आगे बेच देंगे। अगर परीक्षार्थी पास हो गए तो बाद में पैसे दे देंगे।
पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला है कि आरोपियों ने तीन परीक्षार्थियों को आंसर की भेजी। अब पुलिस रवि की तलाश में जहां छापेमारी कर रही है। वहीं, आरोपियों से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आंसर की किस-किस परीक्षार्थी तक भेजी।
बोर्ड को भेजी आंसर-की, मिली फर्जी
डीएसपी सतीश कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों से बरामद की गई आंसर-की को जांच के लिए हरियाणा शिक्षा बोर्ड के पास भेजी दिया था। जांच के बाद बोर्ड ने सूचित किया कि आंसर-की फर्जी हैं।
दोस्त को सुनाई ठगी की कहानी, पहुंचे सलाखों के पीछे
एचटेट लेवल-2 की परीक्षा की फर्जी आंसर-की भेजने के आरोपी ठगी की कहानी सुनाने के फेर में फंस गए। आरोपियों ने आंसर-की का राज एक युवक के सामने खोल दिया था। इसकी भनक पुलिस को लगी तो पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों को धर दबोचा। अब मामले में तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एएसआई राजबीर सिंह अपनी टीम के साथ गश्त पर निकले तो उनके फोन की घंटी बजी। फोन करने वाले शख्स ने थानेदार को बताया कि उसे भनक लगी है कि आरके कॉलोनी निवासी नीशू व हसनपुर निवासी जसमेर उर्फ काला किसी को बता रहे थे कि उनके पास एचटेट लेवल-2 यानी टीजीटी परीक्षा की आंसर-की थी, जो अब भी उनके मोबाइल में हो सकती हैं।
थानेदार राजबीर सिंह ने एसआईटी प्रमुख संदीप धनखड़ को इसकी जानकारी दी। धनखड़ ने पुलिस अधीक्षक सौरभ गर्ग से बातचीत की। एसपी ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। योजना के तहत पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबर साइबर टीम को सौंप दिए, ताकि उनकी लोकेशन पता लग सके। जांच में दोनों की लोकेशन मुरथल के पास एक ढाबे के करीब आ रही है। पुलिस ढाबे के पास पहुंची, जहां पुलिस के जाल से बेखबर नीशू व जसमेर आते दिखाई दिए। पुलिस ने आरोपियों को शक के आधार पर दबोच लिया। उनके कब्जे से बरामद मोबाइल फोन में आंसर-की मिल गई।
साइबर टीम की मदद से खुलेगा परीक्षार्थियों का राज
जांच अधिकारी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि बरामद आंसर-की शिक्षा बोर्ड के पास भेजी थी, जो फर्जी मिली हैं। अब एसआईटी की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने किस-किस परीक्षार्थी के पास यह फर्जी आंसर-की भेजी हैं। वहीं, पुलिस नीशू व जसमेर से पूछताछ कर आरके कॉलोनी निवासी रवि तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं, जो आंसर-की लेकर आया था।