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अब क्राइम ब्रांच करेगी तफ्तीश, गोविंदा के भाई को मिलेगी नौकरी

Tue, 17 Nov 2015 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला गोहाना
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दलित किशोर गोविंदा की मौत की जांच कर रही हरियाणा पुलिस की एसआईटी से एससी/एसटी आयोग ने जांच ले ली है। सोमवार को आयोग ने मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंप दी।
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साथ में, जिला प्रशासन को तत्काल प्रभाव से मृतक गोविंदा के भाई को नौकरी देने की हिदायत दी। प्रशासन की ओर से पहुंचे एसडीएम सोनीपत ने तत्काल नगर परिषद गोहाना में डीसी रेट पर नौकरी का लिखित आश्वासन दिया।

22 अक्तूबर को गोहाना में 14 वर्षीय दलित गोविंदा का शव उसके ताऊ के मकान में मिला। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने चोरी के मामले में गोविंदा को हिरासत में लिया था। अब हत्या करके शव घर में फेंक दिया। हालांकि गले पर रस्सी के निशान हैं। पुलिस ने मामले को आत्महत्या बताया, लेकिन दलित युवक की मौत से राजनीतिक गलियारों में माहौल गर्म हो गया।
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पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व सांसद कुमारी शैलजा से लेकर आम आदमी पार्टी व इनेलो नेताओं तक ने गोविंदा के घर जाकर सांत्वना दी। भाजपा की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन पहुंचे थे और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था। साथ ही एससी/एसटी आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने मौके पर पहुंच कर पुलिस अधिकारियों को 16 नवंबर को तलब किया था।

पीड़ित परिवार को पुलिस पर विश्वास नहीं तो कैसी जांच
आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने बताया कि आईजी श्रीकांत जाधव, एसपी अभिषेक गर्ग व डीसी सोनीपत की तरफ से एसडीएम आयोग के सामने पेश हुए। आयोग ने सवाल किया कि मृतक गोविंदा मां संजीत, बड़े भाई गौतम, बुआ निर्मला और फूफा रामनिवास का कहना है कि उन्हें प्रदेश की पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है। ऐसे में एसआईटी की जांच का कोई औचित्य नहीं है। आयोग ने तय किया है कि मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच करेगी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि जब आयोग को पुलिस पर विश्वास ही नहीं है तो इसमें अब वे कुछ नहीं कहना चाहते।

एसडीएम से पूछा, अब तक क्यों नहीं दी नौकरी
आयोग ने डीसी के प्रतिनिधि के तौर पर आए एसडीएम सोनीपत से पूछा कि अब तक गोविंदा के परिजनों को नौकरी क्यों नहीं दी गई। एसडीएम ने डीसी से बात करने के बाद कहा कि आज की डीसी रेट पर नगर परिषद गोहाना या मार्केट कमेटी में नौकरी दे देते हैं। मौके पर ही गोविंदा के भाई गौतम का आवेदन ले लिया गया और वादा किया गया कि मंगलवार को डीसी रेट पर ज्वॉइन करवा दिया जाएगा। बाद में उसे जल्द ही नियमित कर दिया जाएगा।

पुलिस पर नहीं भरोसा, हटा ली जाए सुरक्षा
पीड़ित परिवार ने आयोग को बताया कि उन्हें पुलिस पर किसी भी तरह का विश्वास नहीं हैं, क्योंकि मामले में पुलिस वाले ही आरोपी हैं। सुरक्षा के नाम पर परिवार पर नजर रखी जा रही है। ऐसे में सुरक्षा हटाई जाए। आयोग ने पुलिस सुरक्षा वापस लेने की पुलिस अधिकारियों को हिदायत दी।
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