सोनीपत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने नाबालिग से शादी करने के लिए फर्जी कागजात तैयार कराने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को पांच साल कैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सदर गोहाना थाना क्षेत्र के व्यक्ति ने दिसंबर, 2018 में अज्ञात युवक पर उसकी नाबालिग बेटी को बहकाकर ले जाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में नाबालिग को बरामद कर लिया गया था। बाद में नाबालिग ने परिजनों के पास जाने से मना कर दिया था।
इस पर उसे बालग्राम राई भेजा गया था। पुलिस ने मामले में आरोपी युवक रोहित को गिरफ्तार कर लिया था। रोहित ने पुलिस के सामने नाबालिग से शादी करने के कागजात पेश किए थे। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल कराकर इसमें दुष्कर्म की धाराएं भी जोड़ी गई थीं।
शादी में हुई थी नाबालिग से मुलाकात
आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उसने बताया था कि वह नाबालिग के गांव में शादी समारोह में गया था। वहां उससे मुलाकात हो गई थी। उन्होंने शादी करने का निर्णय लिया था। नाबालिग की उम्र कम होने के कारण उसने अपने परिचितों से मिलकर उसके फर्जी कागजात तैयार कराए थे।
उसने दसवीं की फर्जी अंकतालिका के माध्यम से दिल्ली के आर्य समाज मंदिर में जाकर शादी कर ली थी। पुलिस ने मामले में धारा 420, 467, 468, 471 व 120 जोड़ दी थी। परिजनों ने बताया था कि उसकी बेटी ने दसवीं पास नहीं की है, जिसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया था।
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इन धाराओं के तहत सुनाई सजा
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने रोहित को भादसं की धारा 420 में पांच साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, 471 में दो साल कैद व 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर नौ माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।