गांव पिनाना में दो भाइयों की हत्या की वारदात के बाद गांव के लोग दहशत में हैं। वारदात दिनदहाड़े हुई, लेकिन इसको लेकर ग्रामीण या प्रत्यक्षदर्शी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। यहां तक कि पुलिस की एफआईआर में जिक्र है कि विक्की और पवन अपने 15 साथियों के साथ पिनाना बस अड्डे पर पहुंचे थे।
दूसरी ओर से रणजीत के साथ भी 15-16 साथी थे। जब अंधाधुंध फायरिंग शुरू की गई तो विक्की के साथी भागने लगे, लेकिन आरोपियों ने किसी और पर फायर करने की बजाए विक्की को ही निशाना बनाया था। विक्की के शरीर पर मिले पांच गोलियों के निशान इसका सबूत हैं। पवन को भी विक्की का भाई होने के कारण निशाना बनाया गया। इसके अलावा किसी अन्य पर फायर नहीं किया गया।
बताया जा रहा है कि पैसों का यह लेनदेन रंगदारी से जुड़ा हो सकता है, हालांकि पुलिसकर्मी भी इस बारे में खुलकर नहीं बोल रहे। मृतकों के परिजन भी इस बात को स्पष्ट नहीं कर पाए कि रणजीत से पैसे किस वजह से लेने थे। दूसरी ओर लगभग दो घंटे तक पिनाना में जाम लगाने वाले ग्रामीणों ने पुलिस के आश्सावन के बाद शाम 7.30 बजे जाम खोल दिया।
अपनी ही गाड़ी की करवा दी वीटी, आरोपी भागे
विक्की और पवन अड्डे पर अपनी स्कार्पियो गाड़ी में गए थे। गाड़ी से उतरकर साथियों के साथ वे लोग अड्डे पर खड़े थे। जब वारदात हुई तो उसके बाद पवन और विक्की दोनों को उसी स्कार्पियो में डालकर अस्पताल लाया गया था।
इस दौरान पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। कंट्रोल रूम से जब हमलावरों की गाड़ी का नंबर मांगा तो फोन करने वाले ने अपनी ही स्कार्पियो का नंबर दे दिया। कंट्रोल रूम से उन्हीं की गाड़ी की वीटी कर दी गई। जबकि आरोपी अपनी स्कार्पियो में सवार होकर आसानी से निकल गए।
नौ मिनट के लिए आईं डीएसपी, गाड़ी से भी नहीं उतरी
वारदात के बाद लगभग साढ़े 11 बजे विक्की और पवन के शव सामान्य अस्पताल लाए गए। पहले, थाना सिविल लाइन पुलिस प्रभारी वीरेंद्र सिंह यहां पहुंचे। उनके बाद 12 बजकर 55 मिनट पर डीएसपी भारती डबास अस्पताल में पहुंची। करीब नौ मिनट तक अस्पताल में डीएसपी रुकी रहीं, लेकिन गाड़ी से नीचे नहीं उतरी। डीएसपी ने गाड़ी में बैठे-बैठे ही पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए। डीएसपी के पहुंचने के बाद ही मोहाना थाना से पुलिस कर्मी अस्पताल पहुंचे थे।
दो घंटे लगाया जाम, आश्वासन पर खोला
शाम लगभग साढ़े 5 बजे गांव पिनाना में ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। गोहाना रोड पर जाम लगाने की सूचना मिलते ही मोहाना थाना से कार्यवाहक प्रभारी सुरेश पुलिसबल के साथ पहुंचे थे। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को शांत करवाकर जाम खुलवा दिया। इस दौरान ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि जल्द से जल्द आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
एक दृश्य देख घबराई, दूसरी ने सोचा मेरा बेटा तो नहीं
डबल मर्डर की चर्चा अस्पताल स्टाफ में भी बनी रही। जब दोनों को अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया तो डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित किया गया। इस दौरान एक स्टाफ नर्स पवन के शव की वीभत्स हालत देखकर घबरा गई थी। पवन के सिर में गोलियां लगने के बाद उसके सिर का एक हिस्सा गायब था और दिमाग का कुछ हिस्सा बाहर की ओर लटका हुआ था।
वहीं, इसी दौरान एक स्टाफ नर्स विक्की के जूते और गले में पड़ी चेन देखकर घबरा गई। स्टाफ नर्स का कहना था कि उसका बेटा भी इसी कद-काठी का है और उसके पास भी ऐसे ही चेन और जूते हैं और वो पुलिस कर्मचारी है। नर्स का कहना था कि उसका बेटा भी कई जगह रेड मारने जाता है, कहीं उसके साथ कोई वारदात तो नहीं हुई है। इसी सोच में वो एकदम घबरा गई थी। हालांकि कुछ ही देर बाद जब उसने अच्छी तरह से विक्की को देखा तो वह संभल गई।