दो वर्ष पुराने हत्या के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस श्योराण की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। हत्या की इस वारदात को मामूली कहासुनी के चलते अंजाम दिया गया था। हत्या फाग के दिन चाकू मारकर की गई थी।
गांव जवाहरा निवासी जगदीश ने 28 मार्च, 2013 को बरोदा थाने में शिकायत दी थी। इसमें उसने बताया कि गांव जवाहरा में कई दिन पहले उसके भाई रमेश उर्फ लीला (42) और उनके गांव के संदीप के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। 27 मार्च, 2013 की शाम को ग्रामीण धूमधाम से फाग खेलकर घर लौटे थे।
देर शाम उसका भाई रमेश कुमार अपने पशु बाड़े में लेटा था। इसी दौरान संदीप वहां पहुंच गया। वहां दोनों में फिर से कहासुनी हो गई। इसके बाद संदीप उसे धमकी देते हुए वहां से चला गया था। संदीप कुछ समय बाद चाकू लेकर दौड़ता हुआ वहां आया और रमेश के पेट में कई वार किए।
जिससे रमेश गंभीर रूप से घायल हो गया था। हमलावर संदीप मौके से फरार हो गया था। रमेश को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां से उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया था। पीजीआई, रोहतक में उसकी मौत हो गई थी।
इस मामले में शिकायत के आधार पर पुलिस ने संदीप के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस श्योराण की अदालत ने संदीप को उम्रकैद की सजा सुनाई है।