स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगातार आ रही शिकायतों के बाद महलाना चौक स्थित प्रीत अस्पताल में छापा मारा। इस दौरान डॉक्टर के पास से 500 रुपये का वो नोट बरामद किया गया, जो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हस्ताक्षर करके दिया था। इस दौरान अस्पताल में खड़ी गाड़ी के नीचे से गर्भपात की गोलियां भी बरामद की गईं। छापामार कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस भी बुलाई गई थी। इसी मामले में अस्पताल के आसपास के लोगों ने डॉक्टर के पक्ष में शाम को महलाना रोड पर जाम लगाने की कोशिश भी की। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराकर जाम खुलवा दिया। देर शाम पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ एमटीपी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार सुबह महलाना रोड पर स्थित प्रीत अस्पताल में छापामारी की। हुआ यूं कि एक एएनएम को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 500 रुपये का हस्ताक्षर किया हुआ नोट दिया और अस्पताल के एक मरीज के साथ जाने का प्लान बनाया। एएनएम अशोक विहार निवासी एक महिला को लेकर अस्पताल पहुंची। अस्पताल में से जैसे ही एएनएम बाहर निकली तो उसने विभागीय टीम की ओर इशारा कर दिया। इसके तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम, जिसमें सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया, डॉ. आदर्श शर्मा, डॉ. निधि शामिल थी, उन्होंने रेड कर दी। छापे के दौरान अस्पताल की बीएमएस डॉक्टर सुनीता के कब्जे से 500 रुपये का वह नोट बरामद किया गया, जिस पर विभागीय टीम ने हस्ताक्षर कर एएनएम को दिया था। जांच के दौरान ही अस्पताल परिसर में खड़ी गाड़ी के नीचे से गर्भपात की गोलियां भी बरामद की गईं। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी। मौके पर पुलिस भी बुला ली गई थी। देर शाम तक सिविल सर्जन की ओर से दी गई शिकायत पर पुलिस ने डॉक्टर सुनीता के खिलाफ एमटीपी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था। हालांकि समाचार लिखे जाने तक आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी संभव नहीं हो पाई थी।
गर्भपात की दवाई खोजने के लिए करनी पड़ी जद्दोजहद
अस्पताल में जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेड की तो 500 रुपये का नोट तो डॉक्टर के पास से तुरंत बरामद कर लिया गया था, लेकिन गर्भपात की गोलियां नहीं मिल रही थी। एएनएम जिस मरीज को लाई थी, उससे पूछताछ भी की। इसी दौरान अस्पताल में ही खड़ी गाड़ी के पास मरीज जाने लगी तो पीछे-पीछे सिविल सर्जन की गाड़ी का ड्राइवर भी चला गया। ड्राइवर ने देखा कि मरीज अपने पैर से गाड़ी के नीचे दवाइयों का एक पत्ता सरका रही है। इस पर ड्राइवर ने तुरंत टीम को सूचना दी और गाड़ी के नीचे से दवाई का पत्ता बाहर निकाला गया। यह दवाई गर्भपात की निकली।
बेटी भी है डॉक्टर, मैं नहीं करती ऐसे काम : डॉ. सुनीता
कार्रवाई के दौरान डॉ. सुनीता ने कहा कि उसकी बेटी एमबीबीएस डॉक्टर है और रोहतक के सरकारी अस्पताल में काम करती है। सुनीता ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बेटी ने भी सख्त हिदायत दे रखी है, इसीलिए वह गर्भपात के काम नहीं करती। सुनीता ने कहा कि उसने किसी भी मरीज को गर्भपात की दवाई नहीं दी थी। उसके पास गर्भपात करने की दवाई है ही नहीं। जो मरीज दवाई गाड़ी के नीचे सरका रही थी, उसके साथ आई एक अन्य महिला ने ही उसे 500 रुपये का नोट दिया था। उनके पास खुले नहीं थे, मरीज को उन्होंने गैस की दवाई दी थी।
शिकायत पर डॉक्टर सुनीता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अभी जांच होगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-प्रवीण कुमार, प्रभारी, थाना शहर।
काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि यहां गर्भपात की गोलियां दी जाती हैं। इसी आधार पर एएनएम को तैयार किया गया था। एएनएम अपने पड़ोस में रहने वाली एक महिला के साथ अस्पताल पहुंची थी। डॉक्टर से 500 रुपये का हस्ताक्षरयुक्त नोट भी बरामद किया गया है। दवाई भी अस्पताल में गाड़ी के नीचे से बरामद की गई है।
-डॉ. जेएस पूनिया, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, सोनीपत।