एक तरफ सांसद शहर के रेलवे स्टेशन पर को मॉर्डन बनाने के लिए पसीना बहा रहे हैं, दूसरी तरफ रेलवे कर्मचारी अपनी ड्यूटी तो दूर, नैतिकता को भी ताक पर रखे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण मंगलवार दोपहर देखने को मिला, जब टिकट काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने फर्श पर गिरी टिकट उठाकर देने से मना कर दिया। जब यात्री अंदर जाकर टिकट उठाने लगा तो हाथापाई पर उतर आए। दोनों पक्षों में जमकर थप्पड़ और मुक्के चले। कोर्ट कचहरी के चक्कर न काटने पड़े, इसके चलते यात्री जालंधर जा रहे पिता-पुत्र ने जीआरपी थाने में शिकायत देकर वापस ले ली। फिर भी रेलवे कर्मचारी के रवैये से यात्रियों में गहरा रोष है।
मोहना निवासी रमेश कुमार और उसके बेटे आशीष ने बताया कि लंबे समय से पूरा परिवार पंजाब स्थित जालंधर में रह रहा है, जबकि रिश्तेदारी सोनीपत में है। सोमवार को रमेश की बहन की बेटी की शहर की बीज मार्केट के नजदीक मोहल्ले में शादी थी। पूरा परिवार शादी में शामिल होने आया था। मंगलवार को वापस जालंधर जाने के लिए स्टेशन पर पहुंचे। आशीष ने बताया कि उसके पिता टिकट काउंटर पर टिकट लेने लगे। सुपर एक्सप्रेस से जाने के लिए जालंधर की पांच टिकट ली। इसी बीच चार टिकट काउंटर पर अंदर की तरफ गिर गईं। टिकट मांगने पर कर्मचारी ने कहा कि वे खुद अंदर आकर उठाकर ले जाएं। पिता-पुत्र अंदर गए और टिकट उठाने को लेकर पिता-पुत्र और रेलवे कर्मचारी के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। इससे स्टेशन पर हंगामा खड़ा हो गए। परिवार के साथ बाहर मौजूद महिलाएं भी आ गईं। झगड़े में आशीष के चेहरे और गले पर नाखून से छीलने के निशान हो गए। इसके बाद परिजनों ने आशीष के चेहरे पर नाखून के निशान देखकर बवाल मचा दिया और दोबारा बुकिंग कार्यालय के अंदर जाकर रेल कर्मचारी के झगड़े के दौरान थप्पड़ जड़ दिए। तभी सूचना पर पहुंची थाना जीआरपी ने मुआयना किया और वहां से पुलिस पीड़ित को अपने साथ थाना जीआरपी मेें ले गई, जहां पर पीड़ित आशीष ने रेल कर्मचारी के खिलाफ मारपीट करने व अभद्रता से पेश आने की शिकायत लिखी।
अदालत के चक्कर काटने न पड़े, इसलिए ले ली शिकायत वापस
पिता-पुत्र ने थाने में आकर रेलवे कर्मचारी के खिलाफ शिकायत दी थी, जिसमें टिकट को लेकर मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगा, लेकिन जब उन्हें पता चला कि अगर एफआईआर हुई तो अदालत में उन्हें भी आना पड़ेगा। इस पर पिता-पुत्र ने कहा कि बार-बार जालंधर से यहां तारीख पर आना संभव नहीं है। इसके बाद दोनों ने शिकायत वापस ले ली। फिर भी वे अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं।
-राजकुमार, थाना प्रभारी, जीआरपी
अगर काउंटर कर्मचारी ने अंदर से टिकट उठाने से मना किया है, तो गलत है। यात्री को बाहर टिकट देना उसका कर्तव्य है, अगर अंदर आकर टिकट उठाने के लिए यात्रियों का कहा है तो बेहद गलत है। मामले की अपने स्तर पर जांच करेंगे।
-विजय सिंह, रेलवे स्टेशन मास्टर, सोनीपत