एक तरफ जहां स्वास्थ्य विभाग डेंगू को लेकर बेहद सतर्क होने का दंभ भर रहा है, दूसरी तरफ कुंडली से आए संदिग्ध मरीज 20 वर्षीय रजनीश की मौत से हड़कंप का माहौल है। परिजन जहां डेंगू के लक्षण बता रहे थे, वहीं स्वास्थ्य विभाग इसे गर्दन तोड़ बुखार बता रहा है। हालांकि, सीएमओ ने कुंडली स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर जांच का भरोसा दिया है। उधर, शनिवार को ही जैनपुर गांव से डेंगू की संदिग्ध नौ वर्षीय मोनू सिविल अस्पताल में दाखिल हुआ, जहां तेज बुखार के चलते पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। दोनों मामलों में स्वास्थ्य विभाग अभी तक डेंगू की पुष्टि नहीं कर रहा है।
केस नंबर-1 :
कुंडली निवासी 20 वर्षीय रजनीश मूलरूप से बिहार का रहने वाला है। वह कई दिन से बुखार से पीड़िता था, लेकिन शुक्रवार को हालत गंभीर हो गई। परिजन उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां परिजनों ने बताया कि रजनीश को पहले हल्का बुखार हुआ। बाद में आंखों मेें दर्द के साथ-साथ उल्टियां करने लगा। हालत को देखते हुए उसे नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से डाक्टरों ने उसे खानपुर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया, लेकिन उसकी रजनीश की मौत हो गई। मामले की सूचना मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। खुद सीएमओ जेएस पूनिया ने खानपुर मेडिकल कालेज व सिविल अस्पताल के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। हालांकि, विभाग अब भी डेंगू मानने से इंकार कर रहे हैं।
केस नंबर-2 :
जैन गांव निवासी धर्मबीर ने बताया कि उसके बेटे नौ वर्षीय मोनू को एक सप्ताह हल्का बुखार था, लेकिन शुक्रवार रात को तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। बेटे के सिर में तेज दर्द भी हैं। इसके लिए उसे अस्पताल में लेकर आए हैं, लेकिन डाक्टरों ने उसे प्राथमिक इलाज के बाद रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया हैं। धर्मवीर ने यह भी बताया है कि उनके गांव में बहुत से बच्चों को बुखार हो चुका है, लेकिन वहां पर आज तक न तो कोई डाक्टर पहुंचा है और न ही किसी भी बच्चे की जांचकर सैंपल लिया गया हैं। वहीं, सभी अपने बच्चों का इलाज भी खुद ही करवा रहे हैं।
एंबुलेंस रजिस्टर में लिखा डेंगू, सीएमओ ने बताया गर्दन तोड़ बुखार
कुंडली के युवक रजनीश की मौत डेंगू से हुई है या गर्दन तोड़ बुखार से। इसको लेकर असमंजस की स्थिति है। रात को सिविल अस्पताल के डाक्टरों द्वारा रजनीश को खानपुर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। उसे एंबुलेंस से खानपुर भेजा गया, एंबुलेंस के रिकार्ड रजिस्टर में रेफर का कारण डेंगू लिखा हुआ है, जबकि स्वास्थ्य विभाग युवक की मौत का कारण गर्दन तोड़ बुखार बता रहा है, जो वायरल बुखार की तरह होता है। ऐसा तो नहीं, स्वास्थ्य विभाग डेंगू का मामला होने के चलते इसे दबाना चाह रहा हो। हालांकि सीएमओ इस बात से इंकार कर रहे हैं।
कुंडली निवासी रजनीश की मौत डेंगू से नहीं हुई है। डाक्टरों ने बताया है कि बुखार के कारण उसकी गर्दन टेढ़ी हो गई थी। कई बार वायरल के कारण भी ऐसा हो जाता है। बिहार में इस तरह का बुखार फैलता है। युवक बिहार का रहने वाला था और अभी कुंडली आया था। फिर भी कुंडली जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करेगी। वहीं, जैनपुर के बच्चे के बीमार होने का मामला उनके नोटिस में नहीं है।
जेएस पुनिया, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल सोनीपत