हरियाणा के सोनीपत के गांव चौहान जोशी में कैंसर पीड़ित की मौत के बाद सोमवार सुबह अचानक हंगामा खड़ा हो गया। परिजन शव को अंतिम संस्कार को ले जाने वाले थे कि इसी बीच पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और शव को कब्जे में लिया गया। इस पर परिजनों ने विरोध किया। इस दौरान पुलिस और मृतक के परिजनों के बीच खूब गहमागहमी हुई। दरअसर पुलिस को किसी सूचना दी थी कि युवक की मौत बीमारी से नहीं बल्कि उसे जहर दिया गया है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया है। फिलहाल रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत के असल वजह सामने आएगी।
गांव चौहान जोशी निवासी राजे कुमार की सोमवार सुबह गांव में मौत हो गई। परिजन उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने वाले थे तभी पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि राजे कुमार को जहर दिया गया है। इस पर राजे कुमार के भाई बाली ने पुलिस को बताया कि उनके भाई नौ महीने से लीवर कैंसर से पीडि़त थे। उनका उपचार दिल्ली व झज्जर एम्स में चल रहा था। डॉक्टरों ने भी इलाज छोड़ने की सलाह दे दी थी, जिसके बाद वह घर पर ही रह रहे थे। सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उनका निधन हो गया।
परिवार ने रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों को सूचना देकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी थी। इसी बीच पुलिस अचानक मौके पर पहुंची और दाह संस्कार रोक दिया।
पुलिस को दिखाए उपचार के कागजात
परिजनों का कहना था कि राजे की मौत कैंसर से हुई है। उन्होंने इस संबंध में चिकित्सा के कागजात भी पुलिस को दिखाए। बावजूद इसके पुलिस ने गांव से मिली सूचना का हवाला देते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की बात कही। पुलिस ने कहा कि गांव से सूचना मिली थी कि युवक को जहर देकर मारने का शक है। हालांकि परिजनों ने मेडिकल डॉक्यूमेंट भी दिए हैं। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। परिजनों ने झूठी जानकारी देने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के सामने हुआ विरोध
मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों और परिजनों के बीच पहले खूब विरोध हुआ। बाद में मौके पर पहुंची एसीपी निधि नैन ने समझाकर मामला शांत कराया। जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा गया।