अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार की अदालत ने हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
गांव बड़वासनी निवासी संदीप की 7 नंवबर, 2016 को चाकू से गोद कर हत्या कर दी गई थी। संदीप के पिता दयानंद ने लिखाई रिपोर्ट में पुलिस से कहा था कि जब संदीप घटना के दिन शाम तक घर वापस नहीं लौटा था तो वह उसे ढूंढने निकले थे। गांव की फिरनी के पास उसने देखा था कि काफी भीड़ एकत्रित थी। मौके पर पहुंच तो देखा था उसका बेटा संदीप लहुलुहान अवस्था में पड़ा था। उसके पास गांव का ही जयभगवान उर्फ पप्पू हाथ में चाकू लिए हुए दिखाई दिया। उसे देखने के बाद पप्पू मौके से फरार हो गया था। उसके बेटे संदीप ने बताया था कि पप्पू ने उसे चाकू मारे हैं। बाद में इलाज के दौरान संदीप ने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने मृतक के पिता तहरीर पर आरोपी पप्पू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। जांच में सामने आया था कि जयभगवान उर्फ पप्पू के साथ संदीप की पहले भी कहासुनी हुई थी। घटना के बाद फिर से उनमें कहासुनी हो गई थी। जिस पर जयभगवान ने संदीप को गालियां देना शुरू कर दिया था। उसके विरोध करने पर जयभगवान ने चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया था। मामले में परिजनों ने अन्य की संलिप्तता भी बताई थी। हालांकि बाद में जांच के दौरान उनकी संलिप्तता नहीं मिली थी। मामले में सदर थाना के तत्कालीन प्रभारी रमेशचंद्र व एएसआई बिजेंद्र की टीम ने 15 नंवबर को आरोपी जयभगवान उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया था। रमेशचंद्र ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चाकू को भी बरामद कर लिया था। मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे अश्वनी कुमार की अदालत ने जयभगवान उर्फ पप्पू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है।