फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले पत्नी का गला काटा, फिर बड़े बेटे को मारा, उसके बाद छोटे की हत्या

विज्ञापन
विज्ञापन
पहले पत्नी का गला काटा, फिर बड़े बेटे को मारा, उसके बाद छोटे की हत्या
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। व्यक्ति आत्महत्या करने से पहले पत्नी की गर्दन पर वार करके गला काटा तो उसके बाद बड़े बेटे को मारा और फिर छोटे बेटे की हत्या कर दी। यह कोई आम आदमी नहीं कह रहा है, बल्कि मकान के कमरे में बेड पर जिस तरह से शव पड़े हुए थे उसको देखकर पुलिस ने पूरा क्राइम सीन बनाया है। क्योंकि महिला के हाथों में दोनों बच्चों के हाथ फंसे हुए थे, जिससे लग रहा है कि पति ने जब पत्नी पर वार किया तो दोनों बच्चे जाग गए और अपनी मम्मी को बचाने के दौरान ही उनके हाथ आपस में फंस गए। लेकिन इस बीच खींचतान में बड़े बेटे पर वार कर दिया और पहले उसके मुंह पर दाव लगा तो उसके बाद उसका भी गला काट दिया। उसने सबसे आखिरी में छोटे बेटे की हत्या की और फिर खुद भी फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली।
सेक्टर 15 चौकी पुलिस ने घटना के बाद कमरे का पूरा क्राइम सीन तैयार किया। हालांकि उस क्राइम सीन को पुलिस पूरी तरह से खुद भी सही नहीं मानती है, लेकिन वहां जिस तरह से शव पड़े हुए थे और उनके शरीर पर हथियार के वार थे। उसको देखकर यही लग रहा है कि पहले शिक्षिका की हत्या की गई है और उसके बाद बेटों की गर्दन काटी गई है। इस क्राइम सीन का एक बड़ा कारण पुलिस यह भी मान रही है कि इस घटना के दौरान नीचे रह रहे मकान मालिक के परिवार व आसपास रहने वाले किसी को कोई आवाज नहीं सुनाई दी। क्योंकि पहले बच्चों की हत्या की जाती तो उसकी पत्नी जागने पर शोर जरूर मचा देती। यह सोचकर ही उसने पहले पत्नी को मारा और बच्चे शोर मचाने की जगह उसे बचाने में लगे रहे, जिसके बाद उनकी भी हत्या कर दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
न कोई चिल्लाया, न आवाज सुनी, पता नहीं कब और कैसे हुआ
मकान मालिक बिजली निगम में एसडीओ रामकुमार के अनुसार पुलिस ने बताया कि जब मकान में ऊपर कोई बोलता था या वॉशरूम में फ्लस करते थे तो उसकी आवाज भी तुरंत नीचे तक आती थी। अब इतना बड़ा मामला हो गया, न कोई चिल्लाया, न किसी तरह की आवाज सुनी। पता ही नहीं चला यह कब और कैसे हो गया। उन्होंने कहा कि शुक्रवार की रात किसी तरह की कोई आवाज ऐसी नहीं आई, जिससे इस तरह की घटना का आभास हो सके। वहीं इनका परिवार भी काफी खुश रहता था और उनके सामने कभी ऐसी बात नहीं आई, जिससे यह अंदेशा हो सके कि उनके बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने बताया कि जब शनिवार सुबह को कोई ऊपर से नीचे नहीं आया तो तब जाकर ऊपर देखा गया। क्योंकि उनके परिवार वालों को यह पता था कि किरायेदारों के छोटे बेटे का पेपर है और उसके बाद भी वह स्कूल नहीं गया। जब ऊपर जाकर देखा तो सभी दरवाजे बंद थे और मोबाइल पर फोन किया तो वह भी किसी ने नहीं उठाया। उसके बाद कुछ अनहोनी का शक हुआ और उनके परिवार वालों को बुलाकर लाया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें