कुख्यात मनोज बुखारा और साथी को कार लूट में 14-14 साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. परमिंद्र कौर की अदालत ने हाईवे पर कार लूट के मामले में दोषी साबित होने पर कुख्यात मनोज बुखारा व उसके साथी आशीष को 14-14 साल कैद की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 1.20-1.20 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जिसमें 80-80 हजार रुपये पीड़ित को देने होंगे। दोनों दोषी घटना के समय कार में मौजूद महिला व उसके बच्चों को भी लेकर मौके से भाग गए थे। बाद में उन्होंने महिला व दो बच्चों को रास्ते में उतार दिया था।
बिहार के जिला पटना के गांव अकबरपुर निवासी रंजीत ने 9 अप्रैल, 2017 को पुलिस को बताया था कि वह ठेकेदारी का काम करता है। वह पटना से अपनी कार में सवार होकर हिमाचल घूमने जा रहा था। उसके साथ उसकी पत्नी नीतू और दो बच्चे भी थे। रंजीत ने बताया था कि घटना की रात ढाई बजे वह मुरथल स्थित एक ढाबे के सामने पहुंचे थे। वहां पर उसने कार को रोक दिया था और चाय लेेने के लिए ढाबे पर चला गया था। उसकी पत्नी व दोनों बच्चे कार की पीछे की सीट पर बैठे थे। इसी दौरान दो युवक आए थे और कार में सवार होकर उनकी कार लेकर चल दिए थे। जब उसकी पत्नी ने देखा था कि कोई अनजान व्यक्ति उनकी कार ले जा रहा है तो उसने शोर मचा दिया था। इस पर बदमाशों ने थोड़ा आगे जाकर उसकी पत्नी को कार से उतार दिया था। इस पर महिला दोनों बच्चों को लेकर कार से नीचे उतर गई थी और बदमाश कार लेकर भाग गए थे। कार में दो मोबाइल, कागजात व नकदी भी थी। अचानक हुए घटनाक्रम के बाद रंजीत ने ढाबे पर खड़े यात्रियों की मदद से अपनी कार का पीछा भी किया था, लेकिन बदमाश चकमा देकर निकल भागे थे। मुरथल थाना पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर लिया था। रंजीत ने मुरथल स्थित ढाबे के बाहर अपनी कार को रोकने के बाद उसे स्टार्ट ही छोड़कर चाय लेने जाना महंगा पड़ गया था। जिसका बदमाशों ने फायदा उठाया था।
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लूट के आरोपी गांव पुगथला निवासी मनोज उर्फ बुखारा व उसके साथी गांव रतनगढ़ निवासी आशीष उर्फ आशू को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। एएसजे डॉ. परमिंद्र कौर की अदालत ने दोनों दोषियों को आईपीसी की धारा-392 में 14-14 साल कैद की कैद व एक-एक लाख जुर्माना, धारा-468 में तीन-तीन साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना, धारा-471 में तीन-तीन साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को छह माह की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। सभी सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना राशि में से 1 लाख 60 हजार रुपये की राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
जेल ब्रेक कांड का भी आरोपी है मनोज बुखारा
मामले में दोषी करार दिया गया कुख्यात मनोज उर्फ बुखारा सोनीपत के बहुचर्चित जेल ब्रेक कांड का भी आरोपी रहा है। इसके अलावा भी हत्या समेत अन्य मामलों में नामजद रहा है।