फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैंसर ही नहीं एचआईवी पीड़ितों के परिजनों से भी संपर्क में था गिरोह

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनीपत। कैंसर पीड़ितों का बीमा कराकर मौत के बाद में हादसा दिखाकर क्लेम लेने के मामले में गिरोह के सदस्यों ने एचआईवी पीड़ितों से संपर्क करना शुरू कर दिया था। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि गिरोह ऐसे कई मरीजों के परिवारों के संपर्क में था तो एचआईवी पीड़ित हैं। हालांकि फिलहाल एसटीएफ ने ऐसे किसी मामले से पर्दा नहीं उठाया है। एसटीएफ ने वीरवार को रोहतक पीजीआई से कैंसर मरीजों का रिकॉर्ड भी कब्जे में लिया है। जल्द ही पुलिस मामले में कई अन्य लोगों से पूछताछ कर सकती है।
विज्ञापन

विदित रहे कि एसटीएफ की सोनीपत इकाई ने 19 अप्रैल को एक गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा था। उन पर आरोप है कि वह कैंसर मरीजों की मौत के बाद उनके शव को दूसरी जगह ले जाकर गाड़ी से कुचल कर सड़क दुर्घटना का रूप दे देते थे और बीमा कंपनियों से मोटी रकम ऐंठते थे। गिरोह के सरगना गांव सेवली निवासी पवन भौरिया, रिंढाना निवासी मोहित व गुमाना निवासी विकास से पूछताछ में कई तथ्य सामने आए थे। पूछताछ में सामने आया था कि गिरोह पुलिस कर्मचारियों व डॉक्टरों की मिलीभगत से चल रहा था। कैंसर मरीजों की मौत को सड़क हादसा दिखाने के बाद गिरोह पीजीआई रोहतक से इलाज के रिकॉर्ड की फाइल भी गायब करवा देता था। ताकि मामला कभी पकड़ में न आ सके। वीरवार को टीम ने रोहतक पीजीआइ से कैंसर मरीजों का रिकॉर्ड कब्जे लिया है। हालांकि इसमें कुछ मिला या नहीं इसका खुलासा नहीं किया है। उधर, पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य कैंसर के साथ ही एचआईवी पीड़ितों से भी संपर्क बना रहे थे। हालांकि अभी इस बारे में कोई खुलासा नहीं किया गया है।
पीजीआई रोहतक से कैंसर के मरीजों से जुड़ा रिकॉर्ड कब्जे में लिया गया है। रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस सभी पहलुओं को देख रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सतीश देशवाल, प्रभारी, सोनीपत इकाई, एसटीएफ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें