हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने एक किशोरी को बहकाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद और 80 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर पौने दो साल कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।
मूलरूप से यूपी के बरेली क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 19 मार्च 2021 को मुरथल थाना पुलिस को बताया था कि वह मुरथल क्षेत्र के गांव में परिवार सहित किराए पर रहते हैं। उसने बताया था कि उसकी 16 साल की बेटी 17 मार्च 2021 को संदिग्ध अवस्था में लापता हो गई। शक जताया था कि बेटी का अपहरण किया गया है। पुलिस ने अपहरण व 84 जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया था।
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लड़की को गाजियाबाद से बरामद कर लिया था। उसने पुलिस को बताया था कि यूपी के इलाहाबाद (प्रयागराज) का रोहित उसे बहकाकर ले आया था। उसने उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व 4 पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी थीं। मामले में इंस्पेक्टर सुदेश की टीम ने कार्रवाई करते हुए रोहित को 8 अप्रैल 2021 को सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया था, जहां उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 6 पॉक्सो एक्ट में 20 साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 363 में पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, 366 में पांच साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना तथा 84 जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में पांच साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजा एक साथ चलेगी। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। जुर्माना न देने पर पौने दो साल कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।