हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने किशोरी को बहकाकर ले जाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद व 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना राशि जमा नहीं कराने पर 22 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
सदर थाना क्षेत्र के रहने वाले व्यक्ति ने 27 जनवरी, 2022 को पुलिस को बताया था कि 26 जनवरी को उनकी 17 वर्षीय बेटी गांव में अपने ताऊ के घर जाने के लिए निकली थी। उनकी बेटी राजकीय स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा है। उन्होंने बताया कि जब उनकी बेटी नहीं लौटी थी तो उन्होंने उसकी तलाश की थी।
काफी तलाश के बाद जानकारी नहीं मिलने पर सदर थाना पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने अज्ञात पर किशोरी को बहकाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में जांच करते हुए तत्कालीन जांच अधिकारी अशोक कुमार की टीम ने किशोरी को बरामद कर लिया था। जिसके साथ दुष्कर्म कर पुष्टि हुई थी। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 29 अप्रैल, 2022 को करनाल निवासी राजन को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर दिया था।
मामले में सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने आरोपी राजन को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 6 पॉक्सो एक्ट में 20 साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 363 में पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 366 में भी पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। सभी सजा एक साथ चलेंगी।