पांच साल से पुलिस को चकमा देकर पहले राजस्थान और अब झज्जर में ले रखी थी अनिल ने शरण
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। एसटीएफ ने कुख्यात बदमाश और तिहरे हत्याकांड सहित हत्या, लूट, रंगदारी मांगने के आरोपी सुनील उर्फ चून के भाई की गिरफ्तारी के बाद सुनील की तलाश में दबिश तेज कर दी है। पांच साल से पुलिस को चकमा देकर अपनी मां के साथ रह रहे अनिल उर्फ सिंटा को गिरफ्तार करने के बाद एसटीएफ का दावा है कि कुख्यात सुनील को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह राजस्थान में रहकर अपने भाई की मदद करता था। साथ ही अब दो साल से झज्जर के गांव तला में अपना ठिकाना बना रखा था।
मूलरूप से हिसार के गांव मुंढाल फिलहाल उत्तम नगर गोहाना निवासी सुनील उर्फ चून पर संदीप बड़वासनी व उसके दो साथियों की हत्या सहित अन्य हत्या व हिंसक वारदातों को अंजाम देने का मामला दर्ज है। तिहरे हत्याकांड में वह सोनीपत पुलिस का 50 हजारी इनामी बदमाश है। सुनील उर्फ चून के अपराध की दुनिया में सक्रिय कदम रखने के बाद उसका भाई अनिल उर्फ सिंटा भी उसकी मदद करता रहता था। जब पुलिस ने सुनील उर्फ चून तक पहुंचने के लिए अनिल की तलाश शुरू की तो वह अपनी मां के साथ गायब हो गया था। आरोप है कि सुनील उर्फ चून की वह मदद करता रहता था। उसके बाद करीब पांच साल से अनिल व उसकी मां की कोई जानकारी नहीं मिल सकी थी। पुलिस को पता लगा था कि 22 मार्च को गांव मदीना के राजेश (18) की गोली मारकर हत्या की वारदात में सुनील उर्फ चून भी शामिल था। हत्या का षड्यंत्र रचने में अनिल भी शामिल था। मामले में एसटीएफ में नियुक्त एसआई बिजेंद्र भंडारी की टीम ने आरोपी अनिल उर्फ सिंटा को गिरफ्तार कर लिया है।
सोनीपत पुलिस का मोस्ट वांटेड है सुनील उर्फ चून
तिहरे हत्याकांड सहित अन्य मामलों का आरोपी सुनील उर्फ चून सोनीपत पुलिस का मोस्ट वांटेड बदमाश है। उस पर अकेले सोनीपत पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया है। उस पर इनाम शराब कारोबारी संदीप बड़वासनी व उसके दो साथियों की हत्या के मामले में घोषित किया गया था।
तीन साल मां के साथ राजस्थान में रहा अनिल
हत्या का षड्यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार सुनील उर्फ चून का भाई अनिल करीब पांच साल से गायब था। अनिल ने बताया कि वह पहले तीन साल तक राजस्थान में रहा। उसने राजस्थान के राजगढ़, अलवर व जयपुर में शरण ली थी। उसके बाद वह अब दो साल से अपनी मां के साथ झज्जर के गांव तला में रहता था। आरोपी ने बताया कि भाई के कहने पर वह दो साल पहले तला गांव में पहुंचा था। वहां पर उसके भाई का साथी मोनू रहता है। वह दो माह तक उसके घर में रहा और उसके बाद से गांव तला में किराए पर मकान लेकर रह रहा था।
अनिल की गिरफ्तारी को लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। अब आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका है। अनिल की गिरफ्तारी के बाद उसके भाई सुनील उर्फ चून की गिरफ्तारी को दबिश तेज कर दी है। उसे भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
- बिजेंद्र भंडारी, एसटीएफ सोनीपत।