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पुलिस ने दबाई रोडवेज को 50 लाख के नुकसान की फाइल

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सोनीपत। आम आदमी तो पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई नहीं होने पर अक्सर परेशान होते देखे जा सकते हैं, लेकिन पुलिस सरकारी महकमे को भी नहीं बख्स रही है। पुलिस ने रोडवेज विभाग के जीएम द्वारा नौ माह पहले भेजी गई 50 लाख रुपये विभागीय नुकसान की शिकायत को रिपोर्ट लिखने के बजाय आज तक रद्दी की टोकरी में फेंक रखा है। आरोपियों पर केस दर्ज नहीं करने पर रोडवेज के जीएम ने एक बार फिर एसपी को पत्र भेजा है। मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर बिना टिकट सफर करते हुए युवक के पकड़े जाने पर रोडवेज को चूना लगाने का खुलासा हुआ था और उन ग्रुप के एडमिन पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए ही यह शिकायत भेजी गई थी।
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रोडवेज की फ्लाईंग टीम ने अगस्त 2018 में सोनीपत-खानपुर रूट पर गांव मोई माजरा के पास चेकिंग के दौरान एक युवक को बिना टिकट पकड़ा था और रोडवेज को 50 लाख रुपये के नुकसान का खुलासा किया हुआ था। टीम को बस में बिना टिकट सफर करते हुए मिले, युवक पूछताछ में कई खुलासे हुए थे। टीम ने युवक से पहचान करने के लिए आईडी मांगी तो उसने खुद को अप्रेंटिस करने वाला छात्र बताते हुए कार्ड दिखाया। उस कार्ड की वैधता 2017 में खत्म हो चुकी थी। जिसपर टीम ने आईकार्ड मांगा तो वह आईकार्ड नहीं दिखा सका। उससे जुर्माना भरने के लिए कहा गया तो उसके पास जुर्माना भरने के लिए रुपये नहीं मिले। इसपर टीम ने उस युवक का मोबाइल जब्त कर लिया और उस मोबाइल पर चंद मिनटों में कई मैसेज आने पर जांच की गई। फ्लाइंग टीम के जांच कराने पर मोबाइल में आठ व्हाट्स एप ग्रुप बने मिले थे। जिनमें लगातार फ्लाइंग टीम के साथ ही बस की लोकेशन अपडेट की जा रही थी। उन व्हाट्स ग्रुप में 1100 से ज्यादा लोग जुड़े हुए थे जो रूट के हिसाब से फ्लाइंग टीम की लोकेशन अपडेट करते रहते थे। उसके बाद रोडवेज ने व्हाट्स एप ग्रुपों की संख्या व बनाने की तारीख, उनमें मौजूद मेंबर की संख्या, रोडवेज का रूट व रूटों पर किराया के आधार पर आंकलन किया गया कि कितना नुकसान रोडवेज को पहुंचा गया है। जिससे साफ हुआ था कि लगभग 50 लाख रुपये का चूना रोडवेज को लगाया जा चुका है। जिसके बाद व्हाट्स ग्रुप के एडमिन की पूरी जानकारी के साथ जीएम रहे जोगेंद्र रावल की ओर से एसपी को मुकदमा दर्ज कराने के लिए शिकायत भेजी गई थी। उसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा से एसपी के नाम पत्र भेजा गया। उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है और हर बार एसपी ऑफिस में जीएम रोडवेज के पत्र को दबा दिया जाता है।
फ्लाइंग टीम की लोकेशन देख करते थे फ्री सफर
रोडवेज बसों में फ्री यात्रा करने वालों का पूरा ग्रुप था जिसमें करीब 1100 लोग जुड़े थे। यह फ्लाइंग टीम की लोकेशन व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजकर फ्री में सफर करते थे। फ्लाइंग टीम के होने की लोके शन पर ग्रुप के लोग पहले ही उतर जाते थे।
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व्हाट्स ग्रुप बनाकर रोडवेज को लाखों को चूना लगाने का मामला मुझसे पहला है। जिसके बारे में पता किया गया है कि उसमें कार्रवाई के लिए एसपी के नाम पत्र भेजा गया था और उसमें कार्रवाई नहीं होने पर दोबारा से पत्र भेजा गया। अब भी कार्रवाई नहीं हुई है और दोबारा से पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। राहुल जैन, जीएम रोडवेज
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