अमर उजाला ब्यरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने छात्रा को शादी का झांसा देकर रेप करने वाले युवक व उसके दो भाइयों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। दोषियों में दो सगे भाई और उनके ताऊ का लड़का शामिल है, जिन्होंने दिसंबर 2014 में पीजी हॉस्टल के अंदर छात्रा से रेप किया था। वहीं इस मामले में पीजी हॉस्टल संचालिका भी शामिल रही थी, जिसे षड्यंत्र में सात साल कैद की सजा सुनाई है। इन पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है।
शहर की रहने वाली एक छात्रा ने 20 दिसंबर 2014 को महिला थाना में शिकायत दी थी कि भगत सिंह कॉलोनी, कालूपुर चुंगी निवासी पवन ने शादी का झांसा देकर पहले अपने भाइयों से दुष्कर्म कराया और बाद में खुद उससे दुष्कर्म किया। आरोपियों ने उसे एक पीजी हॉस्टल में रखा और उससे जबरन संबंध बनाते रहे। छात्रा ने बताया कि पवन मोबाइल की दुकान चलाता था। उसकी एक सहेली के माध्यम से वह पवन की दुकान पर गई थी। वहां पर आरोपी ने उसकी सहेली से उसका मोबाइल नंबर लिया था। बाद में उसे झांसे में ले लिया था। छात्रा ने बताया था कि वह आरोपी के कहने पर 17 अक्तूबर 2014 को अपने घर से भाग आई थी। आरोपी ने उसे चंडीगढ़ भेजा था। बाद में वह नहीं आया था। एक दिन बाद उसने उसे पानीपत बुला लिया था। वहां से उसका भाई नीरज उसे सोनीपत ले आया था। 19 अक्तूबर 2014 को आरोपी ने उससे अभी शादी करने से मना कर दिया था। साथ ही उसे झांसे में लेकर अपने भाई नीरज के साथ रोहतक रोड स्थित पीजी हॉस्टल में मालकिन रीना के पास भेज दिया था। यहां पर नीरज ने 20 अक्तूबर 2014 को उसे जूस में नशीला पदार्थ पिलाकर उससे दुष्कर्म किया था। बाद में होश में आने पर जब उसे दुष्कर्म का पता लगा था तो आरोपी ने उसकी वीडियो क्लीप बनाने की बात कही थी। साथ ही उसे वायरल करने की धमकी दी थी। बाद में आरोपी का भाई पवन व ताऊ का लड़का गौरव भी पीजी हॉस्टल में आ गए थे। उसके बाद आरोपियों ने उसे डराकर उससे कई बार दुष्कर्म किया था। इसी बीच 25 अक्तूबर 2014 को पीजी हास्टल में पुलिस ने रेड कर उसे बरामद कर लिया था। हालांकि इससे पहले ही हॉस्टल संचालिका रीना ने उसे धमकी दी थी। जिसके डर में वह चुप रही और अपने माता-पिता के साथ जाने से मना कर दिया था। वह वापस हॉस्टल में आ गई थी। बाद में लगातार शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर 6 नवंबर, 2014 को वह निकल गई थी। उसने अपने परिजनों को पूरे मामले से अवगत कराया था। जिसके बाद महिला थाना में शिकायत दी थी। पुलिस ने मामले में 20 दिसंबर, 2014 को आरोपी पवन, नीरज, गौरव व रीना तथा छात्रा की सहेली के खिलाफ दुष्कर्म व षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी प्रमिला की टीम ने 2 जनवरी, 2015 को सगे भाई नीरज व पवन को गिरफ्तार किया था। उसके एक दिन बाद रीना को गिरफ्तार किया गया। वहीं पुलिस ने 6 जनवरी को गौरव को भी गिरफ्तार कर लिया था। मामले में छात्रा की सहेली की संलिप्तता सामने नहीं आई थी। मामले की लंबी सुनवाई के बाद सोमवार को एएसजे डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने पवन, नीरज व गौरव को 10-10 साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना तथा षड्यंत्र रचने में रीना को 7 साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 10-10 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।