बेटी की हत्या में दोषी दंपती को 10-10 साल कैद, 20-20 हजार जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. प्रमिंद्र कौर की अदालत ने बेटी की हत्या करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी सौतेली मां व पिता को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों दोषियों को 10-10 साल कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। बच्ची की मौत के मामले को लेकर दंपति ने कहा था कि दवा के धोखे से जहर खाने से उसकी मौत हो गई। हालांकि पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या का पता लगा था।
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला शामली की आदर्श मंडी के रहने वाले प्रदीप ने 15 जुलाई, 2017 को पुलिस को बताया था कि वह बुसाना गांव में रहता है। उसने बताया था कि उसकी बेटी स्वाति (10) ने दवाई के धोखे में जहरीला पदार्थ खा लिया। जिसके चलते उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर सामने आया था कि बच्ची की मौत गला दबाने से हुई है। मामले में शक की सुई माता-पिता पर ही घूम रही थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर प्रदीप को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की थी। जिस पर उसने बताया था कि उसने अपनी पहली पत्नी को छोड़ रखा है और पान देवी से दूसरी शादी कर ली थी। पहली पत्नी ने प्रदीप पर मुकदमा भी कर रखा है। पान देवी ने सोचा कि स्वाति बड़ी होगी तो उसकी शादी का खर्च उठाना पड़ेगा। उसने पति प्रदीप को विश्वास में लेकर स्वाति की हत्या करने की साजिश रची और प्रदीप ने भी उसका साथ दिया। सौतेली मां पान देवी ने स्वाति के हाथ पकड़ लिए और प्रदीप ने उसका गला दबा कर मौत के घाट उतार दिया था। बेटी की हत्या के आरोप से बचने के लिए उन्होंने जहर निगलने की झूठी कहानी पुलिस को सुनाई थी। बुधवार को अदालत ने दोनों को दस-दस वर्ष की कैद व 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।