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बालिग होने में बचे थे आठ माह, बारात आने के बाद रुकवाई शादी

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बालिग होने में बचे थे आठ माह, बारात आने के बाद रुकवाई शादी
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-जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी की टीम ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना/सोनीपत। गांव मोई हुड्डा में नाबालिग लड़की की शादी कराए जाने की सूचना के बाद कार्रवाई करते हुए जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी की टीम ने शादी को रुकवा दिया। परिजनों ने लड़की की आयु का जो प्रमाण पत्र दिया उसमें लड़की की आयु आठ माह कम मिली। टीम ने शादी रुकवाने के लिए एसडीजेएम गोहाना की कोर्ट से आदेश भी प्राप्त कर लिए है। उधर, वहीं शादी के लिए की गई सभी तैयारी धरी रह गई। बारात भी लड़की के घर पहुंच चुकी थी। बारात को बिना दुल्हन के जाना पड़ा।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार को सूचना मिली थी कि मोई हुड्डा में नाबालिग की शादी कराई जा रही थी। जिस पर एसएसपी सतेंद्र गुप्ता ने तुरंत कार्रवाई के लिए जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी भानू गौड़ को निर्देश दिया। भानू गौड़ अपनी टीम के साथ विवाह स्थल पर पहुंच गई। वहां शादी की तैयारी पूरी हो चुकी थी और जींद के गांव से बारात भी आ चुकी थी। जब टीम ने मौके पर पहुंचकर लड़की का आयु प्रमाण पत्र मांगा तो पता लगा कि लड़की की आयु 17 वर्ष चार माह है। जिसके बाद शादी को रुकवा दिया गया। बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा। टीम ने मामले को लेकर एसडीजेएम गोहाना मंगलेश चौबे की कोर्ट से बालिग होने तक शादी नहीं करने के आदेश भी प्राप्त की लड़की के परिजनों को थमा दिया। उन्होंने टीम के सामने लड़की के बालिग होने के बाद ही शादी करने की बात कही है।
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धरी रह गई सभी तैयारी
परिवार ने शादी की सभी तैयारियां पूरी कर ली थी। पंडाल सज चुका था और वर-वधू के सात-फेरों के लिए सभी तैयारी पूरी हो चुकी थी। सात फेरों की रस्म से पहले ही जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी भानू गौड़ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शादी कार्यक्रम को रुकवा दिया।
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वर्जन
नाबालिग की शादी करना कानूनन अपराध है। लोगों को इसे लेकर लगातार जागरुक किया जाता है। उसके बावजूद कोई इसे लेकर सतर्क नहीं होता तो शादी को रोक दिया जाता है। यहां भी लड़की की आयु कम मिली है। जिसके चलते शादी को रोका गया है।
-भानू गौड़, जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी।
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