हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने रंजिश में कार सवार युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में सुनवाई करते हुए दोषी को 10 साल कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर नौ माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में एक आरोपी को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
मूलरूप से विकास नगर व घटना के समय हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सेक्टर-23 निवासी सुनील उर्फ सोनू ने जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया था। सुनील ने 19 सितंबर, 2017 को शहर थाना पुलिस को बताया था कि वह काम के सिलसिले में कार में सवार होकर कोर्ट जा रहा था।
जब वह सेक्टर-23 में पहुंचा तो मूलरूप से गांव महलाना व घटना के समय दिल्ली के नांगलोई में रहने वाले विपिन उर्फ काचा व उसके साथी ने स्कूटी पर आकर उसकी कार को रुकवाने की कोशिश की थी। उसका एक साल पहले विपिन उर्फ काचा से मामूली बात को लेकर झगड़ा हो गया था। जिससे वह उससे रंजिश रखे था।
जिसके चलते उसने कार को नहीं रोका था और 100 फुटा रोड पर भगा लिया था। इस पर विपिन ने अपने साथी के साथ स्कूटी पर उसका पीछा करते हुए सेक्टर-23 मोड़ के पास उस पर गोली चला दी थी। गोली उसकी साइड के दरवाजे के हैंडल पर लगी थी। वह वहां से जान बचाकर भाग गया था। मामले में सिटी थाना पुलिस ने हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया था। मामले की जांच बाद में सीआईए की टीम को दी गई थी।
सीआईए के तत्कालीन एएसआई रमेश की टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी विपिन उर्फ काचा व उसके साथी रोहतक निवासी सचिन को गिरफ्तार कर लिया था। सचिन घटना के समय सोनीपत में रहता था। पुलिस ने उन्हें अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया था। मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे अजय पराशर की अदालत ने 3 अगस्त को विपिन उर्फ काचा को दोषी करार दिया था।
उसके साथ सचिन को बरी कर दिया गया था। मामले में सोमवार को सजा सुनाते हुए अदालत ने विपिन को भादंसं की धारा 307 में 10 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना तथा अवैध शस्त्र अधिनियम में तीन साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर नौ माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।