गोहाना। गांव बरोदा के रहने वाले व्यक्ति के पास बैंक कर्मी बनकर साइबर ठग ने फोन किया और गूगल-पे चालू करने के नाम पर ओटीपी नंबर पूछकर उनके खाते से 42000 रुपये निकाल लिए। जब राशि निकलने का मैसेज आया तो व्यक्ति को ठगी का पता लगा। उसने मामले से पुलिस को अवगत कराया। बरोदा थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गांव बरोदा के रहने वाले अजमेर सिंह ने पुलिस को बताया कि उसका पीएनबी में खाता है। उसके पास 15 जून को सुबह करीब 11 बजे एक व्यक्ति का फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को बैंक कर्मी बताया था। उसने बैंक कर्मी बनकर उससे कहा कि वह उसके मोबाइल में गूगल-पे चालू कर देता है। जिससे उसे पैसों के लेनदेन में दिक्कत नहीं आएगी। वह उसकी बातों में आ गया। उसने बातों में लेकर पहले उसका खाता नंबर पूछ लिया। खाता नंबर लेने के बाद उसने उसके मोबाइल पर आया ओटीपी नंबर भी पूछ लिया। आरोपी को ओटीपी नंबर बताने के बाद अलग-अलग समय में तीन बाद में उसके बैंक खाते से 42000 रुपये की नकदी निकल गई। तब उसे ठगी का पता लगा। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। उसने साइबर ठगों का पता लगाकर गिरफ्तार करने व उसके पैसे दिलवाने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि वह ठेके पर सेल्समैन की नौकरी परिवार का पालन-पोषण कर रहा है।
साइबर ठगी के मामले लगातार आ रहे सामने
सोनीपत में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस भी साइबरों ठगों का पता लगाने में नाकाम रही है। आए दिन कोई न कोई व्यक्ति ठगी का शिकार हो रहा है। इस माह में अब तक महज 17 दिन में ही ठगी के 10 मामले सामने आ चुके है। इसे लेकर लोगों को भी जागरूक होना होगा। पुलिस के साथ ही बैंक भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं, उसके बावजूद लोग ठगों के झांसे में फंस रहे हैं।
--
व्यक्ति के पास फोन कर बैंक कर्मी बनकर ठगी करने की शिकायत मिली थी। जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। ठगों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों को भी इसे लेकर सतर्क रहना चाहिए। अपना ओटीपी नंबर या बैंक खाते से संबंधित कोई भी जानकारी फोन पर नहीं देनी चाहिए।
-संजय कुमार, जांच अधिकारी, थाना बरोदा।