सोनीपत। नगर निगम क्षेत्र में करोड़ों रुपये के गृहकर पर कुंडली मारकर बैठे प्रॉपर्टी मालिकों पर शिकंजा कसा जाएगा। क्षेत्रीय कराधान आयुक्त ने टाॅप 200 डिफाल्टरों की सूची तैयार करके मंजूरी के लिए आयुक्त कार्यालय में भेजी है। डिफाल्टरों ने 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का गृहकर दबा रखा है।
निगमायुक्त से सूची मंजूर किए जाने के बाद नगर निगम डिफाल्टरों को एक सप्ताह का नोटिस देगा। अगर डिफाल्टर प्रॉपर्टी मालिकों ने गृहकर जमा नहीं कराया तो निगम की ओर से प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम क्षेत्र में 1.63 लाख प्राॅपर्टी है। यह प्रॉपर्टी 11 श्रेणियों में विभाजित कर रखी है। इनके लिए सरकार की ओर से गृहकर दरें अलग-अलग निर्धारित कर रखी हैं। सबसे ज्यादा 75484 रिहायशी प्रॉपर्टी हैं।
निगम के क्षेत्र में 43,110 प्लॉट और 10,927 व्यवसायिक भवन हैं। 8,583 भवन ऐसे हैं जिनमें रिहायशी के साथ दुकानें भी हैं। नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष में 40 करोड़ रुपये गृहकर वसूल करने का लक्ष्य रखा है। इसमें से प्रॉपर्टी मालिकों की तरफ से 5 करोड़ रुपये गृहकर जमा कराया जा चुका है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से 31 जुलाई तक चालू वित्त वर्ष का गृहकर जमा कराने के लिए 10 फीसदी छूट दी जा रही थी। अब मुख्यालय ने प्रॉपर्टी मालिकों को 30 सितंबर तक 15 फीसदी छूट के साथ चालू वित्त वर्ष का गृहकर जमा कराने का मौका दिया है।
ऐसे में उन मालिकों को प्राॅपर्टी आईडी स्वयं प्रमाणित करानी होगी। साथ ही जिन प्राॅपर्टी मालिकों का वर्ष 2010-11 से 2023-24 तक का गृहकर बकाया है।
वह प्रॉपर्टी मालिक 30 सितंबर तक अपनी प्रॉपर्टी आईडी स्व प्रमाणित करने के साथ गृहकर के ब्याज पर 100 फीसदी छूट पा सकेंगे।व