जिले के औद्योगिक एरिया राई, कुंडली, बड़ी, सोनीपत फेस वन व फेस टू में बिजली, पानी, सीवरेज व सड़कों की मूलभूल सुविधाओं का मामला अदालत में पहुंच गया है। अमर उजाला द्वारा 15 नवंबर से विशेष अभियान चलाने पर शहर की समाजसेवी संस्था जिला सुधार समिति ने 26 नवंबर को लोक अदालत में जनहित याचिका दायर की, जिस पर अदालत ने डीसी सोनीपत, कुंडली, राई, मुरथल, बड़ी व सोनीपत एचएसआईडीसी के इस्टेट आफिसर को तलब किया है। मामले की अब 12 दिसंबर को सुनवाई होगी।
याचिकाकर्ता और सोनीपत जिला सुधार समिति के अध्यक्ष एवं एडवोकेट सुशीलचंद जैन ने बताया कि जिले में पेंटिंग, पैकेजिंग से लेकर स्टील, फूड और ऑटो पार्ट की सैकड़ों कंपनियां हैं। इसके लिए कुंडली, राई, मुरथल, बड़ी, सोनीपत फेस वन व फेस टू में उद्योगिक एरिया बनाए गए हैं, जहां की जिम्मेदारी एचएसआईडीसी को दी गई है। उक्त एरिया में उद्योगपतियों से लेकर श्रमिकों को बिजली, पानी, सीवरेज, सड़क व सुरक्षा देने की जिम्मेदारी एचएसआईडीसी के अधिकारियों की हैं, लेकिन इस और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
गंदा पानी खड़ा होने के कारण मलेरिया, डेंगू और दूसरी बीमारियां फैल रही हैं। इस कारण उद्योगपतियों के लिए अपने काम को आगे बढ़ाने में काफी परेशानी आ रही है, जबकि एचएसआईडीसी हर माह सुविधाएं देने व रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये फीस ले रही हैं। ऐसे में अधिकारियों को हिदायत दी जाए कि वे उद्योगिक एरिया में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। अदालत ने सर्विस अथॉरिटी 1987 के तहत वकील सुशीलचंद जैन, अजय गहलावत, संदीप व भरत कुमार की जनहित याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
अब 57 याचिका दायर कर चुकी समिति
अध्यक्ष सुशीलचंद जैन ने बताया कि तीन साल में समिति 57 जनहित याचिका दायर कर चुकी हैं, जिसके परिणाम सार्थक रहे हैं। अदालत में अधिकारियों को जवाब देना पड़ता है। उन्होंने याचिका दायर कर शहर के बीचों बीच गुजरने वाली ड्रेन नंबर छह को पक्की करने, निगम में शामिल गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, शहर में काठमंडी, गोहाना रोड, गीताभवन चौक, एटलस रोड, सुभाष चौक, कच्चे क्वार्टर व मुरथल अड्डे पर महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय बनाने, सेक्टर 14-15 डिवाइडर रोड के दोनों किनारों पर संतर को पक्का करने, इस रोड पर हैवी ट्रैफिक पर रोक लगाने की मांग की है।