माई सिटी रिपोर्टर
सोनीपत। जिला परिषद के कार्यकाल को पौने चार साल हो गए हैं। पार्षदों और प्रशासन के बीच अब तक समन्वय नहीं बन पाया है। मंगलवार को हुई बैठक में पार्षदों ने इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों के कार्यालय पर ताला लगाने की चेतावनी भी दी।
वार्ड 12 के पार्षद संजय बड़वासनिया ने गांवों में काम कराने की मांग की। वृद्धावस्था पेंशन के लिए कैंप लगाए जाने को कहा। ग्रामीण विकास संबंधी मुद्दों पर तत्परता से कार्रवाई करने पर जोर दिया। पार्षद संत कुमार ने सड़कों की खस्ता हालत का मुद्दा उठाया। उन्होंने यमुना बेल्ट के गांवों में श्मशान के रास्तों की खराब स्थिति बताई।
सड़क के मुद्दे पर एक अधिकारी की अनुपस्थिति सामने आई। इस पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान करीब पांच मिनट बिजली गुल रही। इससे सभागार में मौजूद लोग गर्मी से बेहाल हो गए।
पार्षदों ने बुढ़ापा पेंशन से संबंधित समस्या सदन में रखी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद डॉ. अनमोल ने ब्लॉक व ग्राम स्तर पर शेड्यूल तैयार कर शिविर लगाने के निर्देश दिए। पेंशन समस्याओं के समाधान के लिए आशा वर्करों की ड्यूटी लगाने को कहा गया। पार्षदों ने गांव बख्तावरपुर से यमुना घाट तक रास्तों की चौड़ाई का मुद्दा उठाया।
मेहंदीपुर से यमुना घाट तक भी रास्तों की चौड़ाई की समस्या बताई गई। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। नांदनौर से बड़ौली तक बिजली के पोल से संबंधित समस्या पर चर्चा हुई। रास्तों के किनारों पर उगी झाड़ियों को हटाने की बात की गई। अधूरे विकास कार्यों और चौपालों की समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाए गए पेड़ों की शिफ्टिंग के लिए ट्री शिफ्टिंग मशीन मांगी गई। इस पर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी मनीष मलिक, कार्यकारी अभियंता पंचायती राज कुलबीर फोगाट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनुराधा जैन सहित कई अधिकारी और पार्षद मौजूद रहे।
इंसेट
विकास कार्यों पर जोर
जिला परिषद अध्यक्ष मोनिका दहिया ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया। आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्धारित समय में समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। इससे लोगों को परेशानी नहीं होगी।